गुरुग्राम में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की अब खुलेआम पहचान, एलईडी स्क्रीन पर दिखेंगे वाहन नंबर और चालान
गुरुग्राम के सोहना चौक पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लंबित चालान अब एक बड़ी एलईडी स्क्रीन पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होंगे। यह नई व्यवस्था बेंगलु ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
सोहना चौक पर नई एलईडी स्क्रीन से दिखेंगे लंबित चालान।
बेंगलुरु और जयपुर के बाद गुरुग्राम में यह व्यवस्था।
जागरूकता बढ़ाने और चालान भुगतान दर बढ़ाने का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों और चालान राशि न भरने वालों के लिए अब सोहना चौक पर पब्लिक डिस्प्ले का नया सिस्टम शुरू किया गया है।
गुरुग्राम पुलिस ने सोहना चौक पर एक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई है, जिस पर नियम तोड़ने वाले वाहनों का नंबर और लंबित चालान की रकम सीधे दिखाई देगी। देश में बेंगलुरू और जयपुर के बाद गुरुग्राम में यह व्यवस्था शुरू की गई है।
पुराने शहर के सबसे व्यस्ततम चौक पर यह व्यवस्था शुक्रवार शाम से शुरू की गई। शनिवार को जब वाहन चालक इस चौक से गुजरने लगे तो एलईडी स्क्रीन पर कई वाहनों के नंबर और चालान की बकाया रकम दिखाई दी।
लंबित चालान की डिटेल डिस्प्ले होते ही कई वाहन चालकों ने इस एलईडी का वीडियो बनाया और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित भी किया। ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि इस पहल से चालान भरने वालों की संख्या में इजाफा होगा और चालान कम होंगे।ट्रैफिक पुलिस के अनुसार इस एलईडी का मकसद लोगों को शर्म महसूस कराना नहीं बल्कि सार्वजनिक रूप से जागरूक करना है।
ऐसे काम करेगा सिस्टम
सोहना चौक पर लगे हाई-रिजाल्यूशन कैमरे 24 घंटे नंबर प्लेट रीड करेंगे और रेड लाइट जंप, ओवरस्पीड, बिना हेलमेट जैसे उल्लंघन रिकार्ड करेंगे। कैमरे का डाटा सीधे सेंट्रल सर्वर और वाहन डाटाबेस से जुड़ा है।
वहां से गाड़ी के लंबित चालान, इंश्योरेंस और पीयूसी की जानकारी ली जाएगी। जैसे ही गाड़ी कैमरे की जद में आएगी, 10-15 सेकंड के अंदर गाड़ी नंबर और बकाया चालान स्क्रीन पर फ्लैश हो जाएगा।
लोग नहीं कर पाएंगे नजरअंजाद
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक पुलिस की ओर से एसएमएस भेजकर चालान की सूचना दी जाती रही है, लेकिन लोग उसे नजरअंदाज कर देते हैं। अब जब चालान हजारों लोगों के सामने दिखेगा तो वाहन चालक उसे अनदेखा नहीं कर पाएंगे।
इसका उद्देश्य किसी को शर्मिंदा करना नहीं है। उद्देश्य है कि लोग नियम मानें। जब उन्हें पता होगा कि उनका चालान सबके सामने दिखेगा तो वह खुद ही हेलमेट लगाएंगे, सीटबेल्ट बांधेंगे और सिग्नल तोड़ने से बचेंगे। गुरुग्राम के हजारों वाहन चालकों के करोड़ों रुपये के चालान बकाया है। इसी समस्या से निपटने के लिए ये कदम उठाया गया है।
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दो शहरों में है ये सुविधा
गुरुग्राम से पहले देश के दो बड़े शहरों में इस तरह की तकनीक शुरू हो चुकी है। सितंबर 2025 में बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने देश का पहला एआइ बिलबोर्ड लगाया था। वहां कैमरा नंबर स्कैन कर दस सेकेंड में सारी चीजें दिखाता है।
नियम मानने वाले वाहनों को आल क्लीयर भी लिखा आता है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार बेंगलुरू में स्क्रीन लगने के तीन महीने में लंबित चालान भरने की दर 22 प्रतिशत तक बढ़ी। लोग पब्लिक डिस्प्ले के डर से पेमेंट कर रहे हैं।
दूसरी ओर जयपुर में भी मार्च 2026 में दो जगहों पर ऐसी स्क्रीन लगाई गई। वहां भी चालान भरने की दर बढ़ने की जानकारी मिली है। गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि इन दोनों शहरों के अनुभव के आधार पर ही गुरुग्राम में इसे शुरू किया गया है।
फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सोहना चौक पर यह स्क्रीन लगाई गई है। अगर यह सफल रही और चालान भरने की दर बढ़ी तो अगले चरण में राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, इफको चौक समेत शहर के कई अन्य जगहों पर भी ऐसी एलईडी लगाई जाएंगी।
सत्यपाल यादव, एसीपी ट्रैफिक हेडक्वार्टर