गुरुग्राम में सिग्नल फ्री सफर का महाप्लान, वाटिका चौक से घाटा मोड़ तक एलिवेटेड SPR; 30 सेक्टर होंगे जाम फ्री
गुरुग्राम में वाटिका चौक से घाटा मोड़ तक सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) को एलिवेटेड करने की डीपीआर अगले महीने से शुरू होगी, जिसका लक्ष्य 2029 तक पूरा करन ...और पढ़ें

इस तरह सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर रहता है ट्रैफिक का दबाव। जागरण
HighLights
वाटिका चौक से घाटा मोड़ तक एसपीआर एलिवेटेड होगी
डीपीआर बनाने का काम अगले महीने से शुरू होगा
परियोजना 2029 तक पूरी होने का लक्ष्य है
आदित्य राज, गुरुग्राम। बादशाहपुर के नजदीक वाटिका चौक से गांव घाटा मोड़ तक सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) को एलिवेटेड करने के लिए डीपीआर बनाने का काम अगले महीने से शुरू हो जाएगा।
इसके लिए कंसल्टेंट कंपनी हायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्य इस महीने पूरा कर लिया जाएगा। वर्ष 2029 तक प्रोजेक्ट के पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रोजेक्ट से इलाके की तस्वीर बदल जाएगी।
न केवल रोड पर से ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा बल्कि प्रदूषण का स्तर भी काफी कम हो जाएगा। फिलहाल रोड पर पीक आवर के दाैरान वाहन रेंगते रहते हैं।
एसपीआर को सिग्नल फ्री बनाने की याेजना
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने एसपीआर को सिग्नल फ्री बनाने की याेजना बनाई है। एसपीआर एक तरफ खेड़कीदौला टोल प्लाजा से पहले द्वारका एक्सप्रेसवे से वहीं दूसरी तरफ गांव घाटा मोड़ के नजदीक गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जुड़ती है।
प्रोजेक्ट पर बेहतर तरीके से और तेजी से काम हो, इसे ध्यान में रखकर इसे दो फेज में एलिवेटेड करने की योजना है। पहला फेज द्वारका एक्सप्रेसवे से लेकर वाटिका चौक तक एवं दूसरा वाटिका चौक से लेकर गांव घाटा मोड़ यानी गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड तक होगा।
पहले फेज का डीपीआर तैयार
पहले फेज की डीपीआर तैयार हो चुकी है। दूसरे पैकेज की डीपीआर के लिए कंसल्टेंट हायर करने का काम शुरू हो गया है। अगले 10 दिनों के भीतर टेंडर खोल दिया जाएगा।
इसके बाद आगे की कार्यवाही इस महीने के भीतर हर हाल में पूरी की जाएगी ताकि अगले महीने से डीपीआर के ऊपर काम शुरू हो जाए। जीएमडीए के मुख्य अभियंता प्रवीण चौधरी का कहना है कि प्रोजेक्ट को लेकर सरकार काफी गंभीर है। जल्द से जल्द जमीनी स्तर पर काम शुरू हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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काफी इलाकों को होगा लाभ
एसपीआर को एलिवेटेड करने पर 30 से अधिक सेक्टरों के अलावा गांव तिघरा, गांव बादशाहपुर, गांव घाटा, गांव समसपुर सहित कई गांवों एवं सोसायटियों में रह रहे लाखों लोगों को लाभ होगा। एसपीआर आबादी के बीच से होकर गुजर रही है।
इस वजह से 24 घंटे ट्रैफिक का दबाव रहता है। पीक आवर के दौरान कुछ मिनट दूरी तय करने में एक से दो घंटे तक लग जाते हैं। एसपीआर से अक्सर निकलने वाले डीएलएफ फेज-तीन निवासी इंजीनियर राजेश सिंघल एवं महेंद्र वर्मा कहते हैं कि प्रोजेक्ट के ऊपर तेजी से काम होना चाहिए।
इस प्रोजेक्ट से बहुत राहत मिलेगी। जिन लोगों को गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर जाना है या दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तरफ निकलना है, वे ऊपर से ही निकल जाएंगे। नीचे केवल स्थानीय ट्रैफिक रह जाएगी।
बता दें कि वाटिका चौक से होते हुए गुरुग्राम-सोहना हाईवे गुजर रहा है। गुरुग्राम-सोहना हाईवे गांव अलीपुर के नजदीक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ा है। एसपीआर से आने वाले वाहन सीधे गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर चले जाएं, इसे लेकर वाटिका चौक पर इंटरचेंज भी बनाने की योजना है।
एक नजर में पूरा प्रोजेक्ट
- पहला पैकेज पांच किलोमीटर लंबा होगा
- दूसरा पैकेज आठ किलोमीटर लंबा होगा
- पहले पैकेज के ऊपर 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे
- दूसरे पैकेज के ऊपर 1200 करोड़ रुपये हाेंगे
- पूरा प्राेजेक्ट पूरी तरह सिग्नल फ्री होगा
- वाटिका चौक पर इंटरचेंज बनाया जाएगा
आने वाले कुछ वर्षों में साइबर सिटी की तस्वीर और बेहतर दिखाई देगी। एसपीआर को एलिवेटेड किए जाने से लाखों लोगों को लाभ होगा। फिलहाल इलाके में परेशानी है। इसे ध्यान में रखकर कहा गया है कि प्रोजेक्ट के ऊपर तेजी से काम किया जाए।
गुरुग्राम-सोहना हाईवे का काफी हिस्सा एलिवेटेड है। इससे काफी राहत मिली है। इसी तरह एसपीआर को एलिवेटेड किए जाने से ट्रैफिक का काफी दबाव कम हो जाएगा।
- राव नरबीर सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, हरियाणा
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