हरियाणा बिल्डिंग कोड में बड़ा बदलाव, ओसी के लिए लागू होंगे नया पोर्टल और सख्त नियम
हरियाणा सरकार ने बिल्डिंग कोड-2017 संशोधनों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत ओसी के लिए एक पोर्टल बनेगा। ...और पढ़ें
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हरियाणा सरकार ने बिल्डिंग कोड-2017 संशोधनों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इमेज एआई
गौरव सिंगला, गुरुग्राम। हरियाणा सरकार ने हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में आठ दिसंबर 2025 को किए गए संशोधनों के लागू होने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इसके लिए आवश्यक पोर्टल बनाने पर टाउन प्लानिंग मुख्यालय की तरफ से काम शुरू कर दिया गया हैं। इस पोर्टल के बनने के बाद रिहायशी इमारतों के ओसी वेबसाइट पर पब्लिक डोमेन में मौजूद रहेंगे। इससे आधी अधूरी इमारतों के ओसी देने पर भी रोक लग सकेगी।
वहीं, हाई रिस्क वाली इमारतों यानि ग्रुप हाउसिंग टावरों को पांच साल पैनल वाले आर्किटेक्ट ही ओसी जारी कर सकेंगे। इसके लिए पैनल की प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो जाएगी। हालांकि तब तक विभाग ने स्पष्ट किया है कि संशोधन में शामिल कई नई व्यवस्थाएं तभी लागू होंगी जब पोर्टल बनाने और आर्किटेक्ट पैनल की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और तब तक पहले से लागू नियमों के अनुसार ही भवनों के नक्शे और आक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) जारी किए जाएंगे।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, लो-रिस्क (रिहायशी मकानों) के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन और हाई-रिस्क भवनों (ग्रुप हाउसिंग व अन्य इमारतें) के लिए थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन के आधार पर ओसी जारी करने की व्यवस्था पोर्टल बनने के बाद ही शुरू होगी। इसके लिए विभाग की तरफ से ऑनलाइन पोर्टल बनाने पर काम शुरू कर दिया हैं। यहां सभी आवेदन, मंजूरी और ओसी का रिकार्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा।
आदेश में अतिरिक्त खरीदे जाने वाले एफएआर को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। सरकार ने कहा है कि अतिरिक्त एफएआर की अनुमति तभी मिलेगी, जब इसकी शुल्क दरें तय कर दी जाएंगी। इसके अलावा राष्ट्रीय भवन कोड (एनबीसी) के प्रविधानों में बदलाव होने तक वर्तमान एनबीसी के नियम पहले की तरह लागू रहेंगे।
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जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि हाई-रिस्क भवनों के लिए थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन तभी शुरू होगा, जब कम से कम पांच वर्ष के अनुभव वाले आर्किटेक्ट्स का पैनल तैयार कर लिया जाएगा। ऐसे पैनल में शामिल आर्किटेक्ट्स ही भवनों की जांच कर ओसी जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
आदेशों में चेतावनी भी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति इस बीच बिना स्वीकृत भवन योजना के अतिरिक्त एफएआर का उपयोग कर निर्माण करता है तो ऐसे निर्माण को नान-कंपाउंडेबल माना जाएगा। ऐसे मामलों में भवन मालिक के साथ संबंधित तकनीकी व्यक्ति और आर्किटेक्ट के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
टाउन प्लानिंग मुख्यालय ने हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में आठ दिसंबर 2025 को किए गए संशोधनों के लागू होने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की हैं। इसे लेकर विभाग की तरफ से जल्द ही पोर्टल तैयार किया जाएगा। हाई रिस्क भवनों को पांच वर्ष के अनुभव वाले आर्किटेक्ट्स ही ओसी जारी करेंगे।
रिहायशी इमारतों या ग्रुप हाउसिंग टावरों का ओसी जारी होते ही टाउन प्लानिंग की वेबसाइट पर पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर मुख्यालय में काम चल रहा है। नई व्यवस्था लागू होने तक पुराने नियमों के अनुसार ही सभी कार्य होंगे।
- प्रवीण चौहान, डीटीपी प्लानिंग, गुरुग्राम
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