मानेसर में जल संकट से निपटने की तैयारी, गहरे होंगे तालाब और बढ़ेगा भूजल स्तर
मानेसर नगर निगम क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ाने और प्रदूषण कम करने के लिए तालाबों को गहरा किया जाएगा। आयुक्त प्रदीप सिंह ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते ...और पढ़ें
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मानेसर नगर निगम क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ाने और प्रदूषण कम करने के लिए तालाबों को गहरा किया जाएगा। फाइल फोटो
HighLights
तालाबों को गहरा कर भूजल स्तर बढ़ाया जाएगा।
वर्षा जल संचयन पर जोर, जल संकट होगा दूर।
मानसून से पहले विकास कार्य और नालों की सफाई।
जागरण संवाददाता, मानेसर। नगर निगम मानेसर क्षेत्र में आने वाले तालाबों की छंटाई कर उन्हें गहरा किया जाएगा। इससे भूजल स्तर बढ़ेगा और प्रदूषण कम होगा। इसको लेकर नगर निगम मानेसर के आयुक्त प्रदीप सिंह ने बृहस्पतिवार को निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वर्षा जल संचयन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि मानेसर औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां आबादी बढ़ना स्वाभाविक है। यहां पर अरावली क्षेत्र होने के कारण पहाड़ों की तलहटी में बसे कई गांवों में पेयजल की समस्या है। ऐसे में आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए यहां पर वर्षा जल संचयन की जरूरत है, ताकि भूमिगत जल का स्तर बढ़े और भविष्य में यहां के लोगों को जल संकट का सामना न करना पड़े।
स्ट्रॉम वाटर को इक्ट्ठा करके उससे जल स्तर को बढ़ाए जाने की दिशा में कार्य करें। गांवों के कल्स्टर बनाकर वर्षा जल का संचयन करने के लिए जोहड़ों को इस तरह तैयार किया जाए ताकि जरूरत पड़ने पर वहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर पानी की सप्लाई की जा सके।
उन्होंने इंजीनियरिंग अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे करके इस दिशा में कार्य करें। ऐसा करने से आगामी वर्षों में मानेसर का जलस्तर बढ़ेगा और पानी की किल्लत का सामना भी आमजन को नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिन गांवों में जोहड़ है। उनकी छंटाई करवाकर उन्हें गहरा किया जाए। इन जोहड़ों की मदद से ही वाटर रिचार्ज संभव है।
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आयुक्त प्रदीप सिंह ने निगम क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि मानसून से पहले सिविल के कार्यों को पूरा कर दिया जाए। सभी नालों की अच्छे से सफाई करवा दी जाए ताकि मानसून में जलभराव न हो। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सदन, वित्त एवं संविदा कमेटी में रखे जाने वाले कार्यों के टेंडर की जरूरी प्रक्रिया उसी समय पूरी कर ली जानी चाहिए।
अनुमति मिलते ही उसका टेंडर लगाकर जल्द ही एजेंसी को कार्य सौंप दिया जाए। इससे समय की बचत होगी और आमजन को सहूलियत होगी। इसके अलावा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से मिलने वाले आदेशों की तुरंत पालना भी अधिकारी सुनिश्चित करें।
इंजीनियरिंग अधिकारियों ने आयुक्त को अवगत करवाया कि दोनों डिवीजन में बहुत से निर्माण कार्यों के टेंडर लगा दिए गए है। निगम क्षेत्र के सभी गांवों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। बेहतर निगरानी के लिए 4-5 गांवों का एक कल्स्टर बनाकर संबंधित थाने में सीसीटीवी का कंट्रोल देने की योजना है।
बैठक में एक्सईएन मंदीप धनखड़, निजेश, सुशील ठाकरान, वासु बग्गन, एसडीओ अमन राठी, अनिल मलिक, विपिन बूरा, संजोग शर्मा, विकास शर्मा, शशिकांत, सेक्शन आफिसर अशोक, अकाउंट ऑफिसर रविंद्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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