मानेसर के 5 गांवों को गंदे पानी से मिलेगी निजात, 6 करोड़ की लागत से बनेंगे नए एसटीपी
मानेसर नगर निगम पांच गांवों में नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करेगा, जिससे गंदे पानी की समस्या का समाधान होगा। इस योजना पर करीब 6 करोड़ ...और पढ़ें

मानेसर नगर निगम पांच गांवों में नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करेगा। जागरण
HighLights
मानेसर नगर निगम पांच गांवों में बनाएगा नए एसटीपी।
गंदे पानी की समस्या से मिलेगा ग्रामीणों को छुटकारा।
करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से होगा यह कार्य।
जागरण संवाददाता, मानेसर। मानेसर नगर निगम द्वारा गंदे पानी की समस्या से निपटने के लिए पांच गांवों के लिए योजना तैयार की है। इस योजना के अनुसार पांच गांवों में मीडियम सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ( एसटीपी ) बनाए जाएंगे। गांव मानेसर और नाहरपुर कासन के गंदे पानी के निस्तारण के लिए पहले ही एसटीपी चालू हो चुका है।
इन गांवों में भी एसटीपी बन जाने से लोगों को गंदे पानी की समस्या से छुटकारा मिल सकेगा। गांव से निकलने वाले गंदे पानी को एसटीपी के माध्यम से शोधित कर गांव के तालाब और हरित क्षेत्र में प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसियों को कार्य सौंप दिया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र के गांव नौरंगपुर, नैनवाल, कासन, भांगरौला और झुंड सराय में यह एसटीपी बनाए जाएंगे। इसके लिए करीब 6 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।
गांव झुंड सराय में एक एमएलडी का एसटीपी बनाया जाएगा जबकि अन्य गांवों में तीन एमएलडी का एसटीपी बनाए जाएंगे। ये एसटीपी बनाए जाने से गांव की गलियों में जमा रहने वाले गंदे पानी की समस्या का समाधान हो सकेगा। इसके लिए काफी समय से मांग की जा रही थी।
एनएसजी में जाता था नौरंगपुर और नैनवाल गांव का गंदा पानी
अभी तक गांव नौरंगपुर और नैनवाल का गंदा पानी एनएसजी के एसटीपी में जाता था। यहां पानी को शोधित कर ग्रीन बेल्ट में प्रयोग किया जा रहा था। पिछले कुछ समय से एनएसजी में गंदा पानी जाना बंद हो गया है। इससे गांव की कई गलियों में गंदा पानी जमा रहता है। इसके अलावा अन्य गांवों में गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।
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जीएमडीए की मास्टर लाइन से नहीं हुआ है कनेक्शन
मानेसर नगर निगम के गंदे पानी को जीएमडीए की मास्टर लाइन के माध्यम से बड़े एसटीपी तक भेजने की योजना थी लेकिन अभी तक जीएमडीए की मास्टर लाइन से सीवर लाइन का कनेक्शन नहीं हो पाया है।
इससे कई गांवों में सीवर आवरफ्लो होकर गलियों में गंदा पानी जमा रहता है। इसके कारण रोजाना लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। नगर निगम के एक्सईएन मनदीप धनखड़ का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया जारी है। जल्द ही वर्क आर्डर जारी कर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।