ड्रग्स तस्करी में फंसा पायलट: नोएडा से लाया था 5 लाख का MDMA, गुरुग्राम पुलिस ने धर दबोचा
गुरुग्राम पुलिस ने एक निजी एयरलाइंस के पायलट को 814 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। यह गुरुग्राम में एमडीएमए की अब तक की सबसे बड़ी बरामद ...और पढ़ें
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क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में ड्रग्स की तस्करी करने वाला पायलट। सौ. पीआरओ
HighLights
सेक्टर 39 क्राइम ब्रांच की टीम ने 814 ग्राम एमडीएमए बरामद किया
नोएडा से पांच लाख में लाया था नशीला पदार्थ, खुद भी करता था नशा
पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में हुई बरामदगी
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। एक निजी एयरलाइंस के पायलट द्वारा ड्रग्स की तस्करी का मामला सामने आया है। गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर 39 की टीम ने बुधवार को 814 ग्राम एमडीएमए के साथ आरोपित पायलट को गिरफ्तार किया है। नशे की लत के चलते यह पहले खुद नशा करता था। बाद में पैसे के लालच में इसकी तस्करी करने लगा। सूत्रों के मुताबिक एमडीएमए ड्रग्स की इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी भी गुरुग्राम में पहली बार हुई है।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान 33 वर्षीय अरशद अली उर्फ अज्जू के रूप में हुई है। यह मूल रूप से केरल के कोझिकोड जिले के रेडरोज वेस्टहिल का रहने वाला है। फिलहाल यह दौलताबाद स्थित लैंडमार्क सोसायटी के फ्लैट में किराये से रह रहा था।
खुद नशा करने के लिए लेता था एमडीएमए
पुलिस के अनुसार बुधवार को क्राइम ब्रांच सेक्टर 39 की टीम को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति सेक्टर 103 के पास अवैध मादक पदार्थ लेकर आएगा। सूचना के आधार पर टीम ने नाकाबंदी कर आरोपित को काबू किया। तलाशी लेने पर उसके पास से 814 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह पिछले तीन साल से एक निजी एयरलाइंस में पायलट है। पहले वह खुद नशा करने के लिए एमडीएमए लेता था। बाद में पैसों के लालच में आकर उसने इसकी तस्करी करनी शुरू कर दी। उसने यह खेप नोएडा में अपने एक साथी से पांच लाख रुपये में ली थी।
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शर्त यह भी थी कि जितने में एमडीएमए बिकेगा, उसी हिसाब से बाकी पैसे दिए जाएंगे। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ राजेंद्र पार्क थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपित से आगे पूछताछ की जा रही है। उसके नेटवर्क और नोएडा वाले साथी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपित को गुरुवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि आगे की कड़ियां जोड़ी जा सकें।