आतिशी के कथित वीडियो मामले में नया मोड़, दिल्ली विधानसभा को पंजाब DGP ने दिया जवाब; अब फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
दिल्ली विधानसभा सचिवालय को पंजाब के डीजीपी से जालंधर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर पर जवाब मिला है। डीजीपी ने बताया कि उनका जवाब और जालंधर पुलिस कमिश्नर की ...और पढ़ें

दिल्ली विधानसभा सचिवालय को पंजाब के डीजीपी से जालंधर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर पर जवाब मिला है। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा सचिवालय को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) से लिखित जवाब मिला है। यह जवाब दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा 23 जनवरी, 2026 को भेजे गए एक पत्र के संदर्भ में है, जिसमें जालंधर पुलिस द्वारा दर्ज की गई पहली सूचना रिपोर्ट (FIR) के संबंध में 28 जनवरी, 2026 तक लिखित जवाब मांगा गया था।
अपने जवाब में, पंजाब के DGP ने बताया है कि इस मामले पर उनका जवाब जरूरी मंज़ूरी के लिए पंजाब सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेज दिया गया है। DGP ने यह भी कहा है कि जालंधर के पुलिस कमिश्नर से मिला लिखित जवाब भी अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेज दिया गया है।
पंजाब के DGP के जरिए भेजे गए जवाब में, जालंधर के पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि FIR से संबंधित लिखित जवाब जमा कर दिया गया है और जरूरी मंजूरी मिलने के बाद इसे दिल्ली विधानसभा सचिवालय को भेज दिया जाएगा।
दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा मांगे गए दस्तावेजों में पुलिस अधिकारियों से मिले आवेदन और पंजाब फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की फोरेंसिक रिपोर्ट शामिल हैं। सचिवालय द्वारा 16 जनवरी, 2026 को जारी पत्र के अनुसार, ये दस्तावेज 22 जनवरी, 2026 तक जमा किए जाने थे। तय समय सीमा के भीतर FSL रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक रिकॉर्ड न मिलने के कारण, सचिवालय द्वारा एक रिमाइंडर जारी किया गया था।
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दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने यह भी बताया है कि, तय तारीख तक फोरेंसिक रिकॉर्ड न मिलने के कारण, 23 जनवरी, 2026 को एक और पत्र जारी किया गया था, जिसमें दस्तावेज जमा करने की समय सीमा बढ़ाकर 28 जनवरी, 2026 कर दी गई थी, और संबंधित अधिकारियों से विस्तारित अवधि के भीतर पूरे फोरेंसिक रिकॉर्ड जमा करने का अनुरोध किया गया था।
विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि FSL रिपोर्ट सहित फोरेंसिक रिकॉर्ड, मामले के तथ्यों को स्पष्ट रूप से स्थापित करने और संस्थागत पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह मामला वर्तमान में विचाराधीन है, और संबंधित अधिकारियों से पूरा सहयोग देने का अनुरोध किया गया है।