यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana: न्याय संहिता बिल के विरोध में प्राइवेट बस व ट्रक चालकों ने किया चक्का जाम, आम लोगों को हो रही काफी परेशानी
Protest Against the Judicial Code Bill न्याय संहिता बिल के विरोध में प्राइवेट बस संचालकों और ट्रक यूनियन सोमवार से हड़ताल पर हैं। बसों के नहीं चलने से ...और पढ़ें

HighLights
- प्रदेश में सात सौ से ज्यादा निजी बसें-दो हजार ट्रकों का थमा पहिया
- ट्रक यूनियन ने तीन जनवरी तक चक्का जाम का किया आह्वान
- कॉपरेटिव बसें बंद होने से यात्रियों को कुछ रूटों पर हुई परेशानी
जागरण टीम हिसार। Private bus and truck drivers protest against the Judicial Code Bill न्याय संहिता बिल के विरोध में प्राइवेट बस संचालकों और ट्रक यूनियन सोमवार से हड़ताल पर चले गए। चालकों ने बस और ट्रक खड़े कर दिए। बसों के नहीं चलने से प्रदेश में कई रूटों पर यात्रियों को परेशानी हुई। वहीं, हड़तालियों ने कई जगह चौक-चौराहों पर एकजुट होकर जाम लगा दिया।
प्रदेश में सात सौ से ज्यादा निजी बसें-दो हजार ट्रकों का थमा पहिया
यमुनानगर में चालक के साथ मारपीट भी कई। वहीं, हरिद्वार रूट पर बसें वापस आ गईं। पूरे प्रदेश में सात सौ से ज्यादा निजी बसें और दो हजार ट्रक नहीं चले। तीन दिन तक चलने वाली मंगलवार को भी हड़ताल रहने से आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ सकता है। सुबह प्राइवेट बस संचालकों और ट्रक चालकों ने रूट पर जाने से मना कर दिया।
ट्रक यूनियन ने तीन जनवरी तक चक्का जाम का किया आह्वान
ट्रकों के पहिए थम जाने से फल, सब्जी, दूध, दवाओं के आयात-निर्यात पर असर देखने को मिला। ट्रक यूनियन ने तीन जनवरी तक चक्का जाम का आह्वान किया। नेशनल हाईवे 334बी पर दादरी के महेंद्रगढ़ चौक पर ट्रक और डंपर चालकों ने बीच में वाहन खड़ा करके एक घंटे तक जाम लगा दिया।
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तोशाम में भी प्राइवेट बस ड्राइवर सहित कई ट्रक ड्राइवरों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए दस मिनट तक जाम लगा दिया था। कैथल के गांव पाई में ड्राइवरों ने इस कानून के विरोध में करीब पांच घंटे तक रोड जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जाम खुलवाया। यमुनानगर में पुलिस ने हाईवे पर एकत्र होने से रोक दिया।
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कॉपरेटिव बसें बंद होने से यात्रियों को कुछ रूटों पर हुई परेशानी
बाद में यह चालक मिल्क माजरा टोल पर एकत्र हुए। जहां इन्होंने ट्रक लेकर आ रहे चालकों को भी जबरन रूकवाया। कॉपरेटिव बसें बंद होने से यात्रियों को कुछ रूटों पर परेशानी हुई। वहीं चंडीगढ़ से बस लेकर आ रहे चालक जगतार सिंह के साथ अंबाला के शाहाबाद में मारपीट हुई।
फतेहाबाद जिले में 62 निजी बसें विभिन्न 30 रूटों पर चलती हैं। इनमें से 17 रूट में सेवा बाधित रहीं। रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि वे प्राइवेट बसों के रूट पर रोडवेज बस नहीं चला सकते। इसका निजी बस संचालक विरोध करेंगे।