रेवाड़ी के निर्माणाधीन एम्स माजरा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 50 MBBS सीटों पर प्रवेश को दी मंजूरी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रेवाड़ी के माजरा में निर्माणाधीन एम्स में 2026-27 सत्र के लिए 50 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री राव ...और पढ़ें
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निर्माणाधीन एम्स में 50 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दे दी।
HighLights
निर्माणाधीन एम्स माजरा में 50 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी मिली।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2026-27 सत्र के लिए अनुमति दी।
राव इंद्रजीत सिंह और आरती राव के प्रयासों का परिणाम।
जागरण संवाददाता, नारनौल। रेवाड़ी के समीप गांव माजरा में निर्माणाधीन एम्स में वर्ष 2026-27 के लिए 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश की केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से सोमवार को ही यह पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें वर्ष 2026-27 के लिए 50 एमबीबीएस सीटों पर मंजूरी दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी अरुण कुमार विश्वास द्वारा 23 मार्च को जारी पत्र में यह अनुमति मिली है।
PM मोदी द्वारा 2 साल पूर्व एम्स की नींव रखी गई
जिला महेंद्रगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज सेकवाल ने बताया ने कहा कि केंद्रीय राव मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के प्रयासों से भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 साल पूर्व एम्स की नींव रखी गई थी। उसके बाद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह द्वारा एवं हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री बहन आरती सिंह राव के प्रयासों से एम्स का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
केंद्रीय मंत्री ने जनता से वादा किया था की 2026-27 में इसमें ओपीडी का काम शुरू हो जाएगा और अब 50 सीटों पर एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश की मंजूरी दिलाकर उन्होंने यह दिखा दिया है कि उनकी कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है।
नेशनल हाईवे पर फ्लाईओवरों का निर्माण
सेकवाल ने कहा कि राव साहब जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं। पिछले 12 सालों में क्षेत्र में चाहे राष्ट्रीय राजमार्गों व अन्य सड़कों का जाल हो, नेशनल हाईवे पर फ्लाईओवरों का निर्माण हो, कोरियावास में मेडिकल कालेज हो या लॉजिस्टिक हब के निर्माण की बात हो राव इंद्रजीत सिंह और आरती राव के प्रयासों से आज सभी संस्थानों में कार्य शुरू हो चुका है या अंतिम पड़ाव पर है।
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उन्होंने कहा कि इस घोषणा से क्षेत्र के युवाओं को एम्स जैसे संस्थान से शिक्षा लेने का मौका मिलेगा, जिससे इलाके में गंभीर बीमारियों के लिए लोगों को दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उनका यहां पर विश्व स्तरीय इलाज संभव हो सकेगा।