हरियाणा में जमीन की निशानदेही के लिए अब दफ्तरों के चक्करों से राहत, ऑनलाइन आवेदन से मिलेगा समाधान
हरियाणा में जमीन की निशानदेही के लिए अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, यह सेवा पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है। ...और पढ़ें

राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश देतीं उपायुक्त अनुपमा अंजली। सौ- डीपीआरओ
HighLights
जमीन की निशानदेही सेवा अब पूरी तरह ऑनलाइन, दफ्तरों के चक्कर खत्म।
उपायुक्त ने समयबद्ध निपटारे व रिजेक्ट मामलों की जांच के निर्देश दिए।
जिले में एक लाख किसानों का एग्री स्टैक में पंजीकरण हुआ।
जागरण संवाददाता, नारनौल। जमीन की निशानदेही के लिए अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हरियाणा सरकार ने इस सेवा को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बुधवार को राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निशानदेही, ऑटो-म्यूटेशन सहित सभी ऑनलाइन राजस्व सेवाओं के आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि डिजिटल हरियाणा अभियान का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचे।
लघु सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री के डिजिटल हरियाणा विजन के तहत राजस्व विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन की जा चुकी हैं। ऐसे में अधिकारी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करें।
उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे निशानदेही के लिए ऑनलाइन आवेदन करें, क्योंकि यह प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक है। उपायुक्त ने बताया कि रजिस्ट्रेशन रिजेक्ट होने वाले मामलों की स्वयं उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) और सभी एसडीएम हर माह रैंडम आधार पर पांच-पांच मामलों की जांच करेंगे। इससे अनावश्यक देरी और लापरवाही पर अंकुश लगेगा।
उन्होंने बताया कि जिले की सभी तहसीलों में जमीन का पंजीकरण सरकार की निर्धारित 48 घंटे की समय सीमा के भीतर किया जा रहा है और अब तक कोई भी मामला तय अवधि से बाहर नहीं गया है। बैठक में एसडीएम नारनौल अनिरुद्ध यादव, एसडीएम महेंद्रगढ़ योगेश सैनी, एसडीएम कनीना डा. जितेंद्र सिंह, एसडीएम नांगल चौधरी उदय सिंह, जिला राजस्व अधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एक लाख किसानों का एग्री स्टैक में पंजीकरण
बैठक में एग्री स्टैक योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने संबंधित विभागों को संयुक्त शिविर लगाकर किसानों का पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक एक लाख किसानों का पंजीकरण हो चुका है। भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ इसी प्लेटफार्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।