नारनौल में 28 निजी स्कूलों ने तय समय पर नहीं भरा फॉर्म-6, शिक्षा विभाग कर रहा सख्त कदम उठाने की तैयारी
नारनौल में 28 निजी स्कूलों ने फीस पारदर्शिता के लिए निर्धारित फॉर्म-6 जमा नहीं किया, जिससे शिक्षा विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। अंतिम तिथि तक ...और पढ़ें

जिला शिक्षा अधिकारी, कार्यालय नारनौल।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, नारनौल। निजी स्कूलों की फीस पारदर्शिता को लेकर शिक्षा विभाग की सख्ती अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पांच अप्रैल की रात 12 बजे तक फाॅर्म-6 भरने की अंतिम समय सीमा समाप्त होते ही महेंद्रगढ़ जिले के 28 निजी स्कूल सीधे विभाग के निशाने पर आ गए हैं।
इन स्कूलों ने 31 मार्च तक भी कक्षावार फीस का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया था और अंतिम मौका मिलने के बावजूद कई स्कूल निर्धारित समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। अब ऐसे स्कूलों पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।
प्रदेश स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक रही, जहां 1269 निजी स्कूल अंतिम समय तक फीस विवरण अपडेट नहीं कर पाए। हालांकि, अधिकांश स्कूलों ने अंतिम दिन देर रात तक पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी की, लेकिन महेंद्रगढ़ जिले के कई स्कूलों की लापरवाही अब भारी पड़ सकती है।
कनीना सबसे पीछे, बाकी खंड भी फिसड्डी
जिले में सबसे खराब स्थिति कनीना खंड की रही, जहां 14 स्कूलों ने समय पर फाॅर्म-6 नहीं भरा। इसके अलावा नारनौल खंड के 6, महेंद्रगढ़ के 5 और अटेली के 3 स्कूल अंतिम समय तक पिछड़े रहे। विभाग ने पहले ही इन स्कूलों को नोटिस जारी करने और हर हाल में फाॅर्म भरवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही सामने आई।
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अब नहीं बढ़ेगी फीस, पुरानी दरों पर ही वसूली
शिक्षा विभाग के आदेशों के अनुसार, जो स्कूल फाॅर्म-6 पर अपनी फीस घोषित नहीं कर पाए हैं, वे नए सत्र 2026-27 में फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। ऐसे स्कूलों को पिछले सत्र की फीस संरचना के अनुसार ही शुल्क लेना होगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि बिना फाॅर्म-6 जमा किए किसी भी प्रकार की फीस वृद्धि मान्य नहीं होगी।
एमआईएस बंद और मान्यता रद तक की तैयारी
विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि तय समय तक फाॅर्म-6 जमा नहीं करने वाले स्कूलों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें एमआइएस पोर्टल पर एक्सेस बंद करना, प्रशासनिक कार्रवाई और मान्यता रद करने की प्रक्रिया तक शामिल है। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को नोटिस की प्रतियां उच्च कार्यालय में भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
फीस मनमानी पर लगाम कसने की कोशिश
फाॅर्म-6 को अनिवार्य करने का उद्देश्य निजी स्कूलों द्वारा मनमाने शुल्क पर रोक लगाना है। अक्सर स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा विभिन्न मदों के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। विभाग का मानना है कि इस प्रणाली से फीस संरचना पारदर्शी होगी और अभिभावकों को राहत मिलेगी।
"डेडलाइन के आखिरी दिन डेटा अपलोड करने की कवायद चलती रही। रात 12 बजे तक का समय है, हो सकता है जिनको नोटिस दिए गए हैं, वे डेटा अपलोड कर दें। बावजूद भी कोई स्कूल लापरवाही बरतता है तो विभाग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।"
-डाॅ. विश्वेश्वर कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।
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