बारिश में महेंद्रगढ़ की मुख्य सड़क बनी तालाब, मरीज और स्कूल के बच्चों को ज्यादा परेशानी; कारोबार भी हुआ ठप
महेंद्रगढ़ की मुख्य सड़क हर बारिश में तालाब बन जाती है, जिससे वाहन, राहगीर और दुकानदार बुरी तरह प्रभावित होते हैं। यह वर्षों पुरानी समस्या है जिससे मर ...और पढ़ें
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सड़क बनी तालाब। जागरण
HighLights
बारिश में महेंद्रगढ़ की मुख्य सड़क तालाब में बदल जाती है।
जलभराव से वाहन, राहगीर, मरीज और दुकानदार बुरी तरह परेशान।
स्थानीय लोग वर्षों पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे।
मोहनलाल अग्रवाल, महेंद्रगढ़। शहर की सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण सड़कों में से एक पर हर बर्षा के साथ वही पुरानी तस्वीर सामने आती है। थोड़ी देर की बर्षा के बाद ही पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है।
सड़क पर जमा पानी के कारण वाहन रेंगने को मजबूर हैं, राहगीर जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं और आसपास के दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
यह सड़क केवल स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि शहर की महत्वपूर्ण संपर्क सड़क भी है। इसी मार्ग पर दो बड़े नेत्र अस्पताल, एक बैंक्वेट हाल और अनेक व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थित हैं। यह सड़क आगे कैंची मोड़ के रास्ते नारनौल रोड से जुड़ती है।
वहीं, आसपास कई कॉलोनियां और घनी आबादी होने के कारण पूरे दिन इस मार्ग पर हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। अस्पतालों में आने वाले मरीज, स्कूल जाने वाले बच्चे, नौकरीपेशा लोग और ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक भी इसी सड़क से गुजरते हैं।
लोगों में बढ़ रही नाराजगी
वर्षा के बाद सड़क पर कई-कई घंटे तक पानी भरा रहता है। पानी में गड्ढे नजर नहीं आते, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जबकि मरीजों और बुजुर्गों को अस्पताल तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तेज रफ्तार वाहन पानी के छींटे राहगीरों और दुकानों तक उछाल देते हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
दुकानदारों ने सुनाया दर्द
दुकानदारों का कहना है कि वर्षा के समय ग्राहक दुकानों तक पहुंचने से बचते हैं। कई बार दुकानों के सामने इतना पानी भर जाता है कि ग्राहकों का आना-जाना लगभग बंद हो जाता है। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि हर साल बरसात में यही हाल होता है, लेकिन संबंधित विभाग केवल निरीक्षण और आश्वासन तक ही सीमित रहता है।
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स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हालात जस के तस हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाता तो हर साल यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
बड़े हादसे का खतरा
नागरिकों का कहना है कि यह केवल जलभराव का मामला नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का तकनीकी सर्वे कराकर स्थायी जल निकासी व्यवस्था बनाई जाए, नालियों का चौड़ीकरण कराया जाए और सड़क की ढाल में आवश्यक सुधार किया जाए।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि बरसों से चली आ रही इस समस्या पर अब केवल वादों से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि शहर की इस लाइफलाइन सड़क पर हर वर्षा के बाद बनने वाले 'तालाब' से लोगों को स्थायी राहत मिल सके। अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इस गंभीर समस्या का समाधान कब होगा।
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नपा प्रधान रमेश सैनी का कहना है कि इस जलभराव की समस्या से लोग लंबे समय से परेशान हैं। पहले ठीक करवाने का प्रयास भी किया गया था। जल्द ही इसे ठीक करवा दिया जाएगा।