देश के सबसे पिछड़े जिले नूंह की बदलेगी सूरत, 7 गांवों की जमीन पर माॅडर्न शहर बसाएगी हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार नूंह जिले में 1197.61 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक शहर विकसित करने की योजना बना रही है, जिसकी जिम्मेदारी एचएसवीपी को सौंपी गई है। यह योजना ई-भ ...और पढ़ें

नूंह में नया शहर बसाएगी हरियाणा सरकार। फोटो: जागरण
HighLights
नूंह में 1197 एकड़ में आधुनिक शहर का विकास
एचएसवीपी द्वारा ई-भूमि पोर्टल से सहमति आधारित भूमि खरीद
31 अगस्त 2026 तक भूमि प्रस्ताव दर्ज करने की अंतिम तिथि
मोहम्मद हारून, नूंह। देश के सबसे पिछड़े जिलों में शामिल नूंह अब सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। हरियाणा सरकार ने जिले में करीब 1197.61 एकड़ भूमि पर आधुनिक शहर विकसित करने की योजना तैयार की है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नूंह, जोगीपुर, खेड़ला, नलहड़, डुंडाहेड़ी, फिरोजपुर नमक और सालाहेड़ी गांवों की भूमि को विकसित किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को सौंपी गई है।
सरकार इस बार ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से सहमति आधारित भूमि खरीद करेगी। यानी किसी भी किसान की जमीन का अधिग्रहण जबरन नहीं किया जाएगा। इच्छुक भूमि मालिक 31 अगस्त 2026 तक पोर्टल पर अपनी जमीन का प्रस्ताव दर्ज करा सकते हैं। प्रस्तावों की जांच के बाद तय प्रक्रिया के अनुसार जमीन खरीदी जाएगी।
प्रस्तावित शहर में चौड़ी सड़कें, पेयजल, सीवर नेटवर्क, बिजली, पार्क, स्कूल, अस्पताल और अन्य आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न केवल संबंधित गांवों का स्वरूप बदलेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी विकास और निवेश की नई संभावनाएं पैदा होंगी।
रोजगार और कारोबार को मिलेगी रफ्तार
अधिकारियों का मानना है कि परियोजना शुरू होने के बाद निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही व्यापार, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।
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बेहतर बुनियादी ढांचे से जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नोडल अधिकारी नवीन कुमार ने योजना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अभी पोर्टल पर जमीन का डाटा डाला गया है।
एचएसवीपी के संपदा अधिकारी नवीन ने बताया कि किसान 31 अगस्त तक ई-भूमि पोर्टल पर अपनी जमीन का पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद प्रस्तावों की जांच कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और किसानों की सहमति पर आधारित रखना है। मामले को लेकर उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा है कि वह इस बारे में संबंधित विभाग से पता करेंगे।
पुराने सेक्टर का मामला अब भी लंबित
गौरतलब है कि वर्ष 2010 में सरकार ने नूंह में तीन सेक्टर विकसित करने की योजना बनाई थी। उस समय भूमि अधिग्रहण और वर्ष 2012 में अवार्ड घोषित होने के बावजूद मुआवजे को लेकर विवाद अदालत पहुंच गया, जिसके चलते योजना आगे नहीं बढ़ सकी। कई किसान आज भी मुआवजे के इंतजार में हैं।