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    पलवल में बकरी के दूध की लस्सी पीने से एक ही परिवार के 7 लोग बीमार, हालत गंभीर होने पर सभी नूंह रेफर

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 09:03 PM (IST)

    पलवल के चांदहट गांव में बकरी के दूध की लस्सी पीने से एक ही परिवार के सात सदस्य बीमार पड़ गए, जिनमें दो बच्चों और एक बुजुर्ग की हालत गंभीर है। सभी को प ...और पढ़ें

    पलवल में बकरी के दूध की लस्सी पीने से एक ही परिवार के सात सदस्यों की हालत गंभीर।

    पलवल में बकरी के दूध की लस्सी पीने से एक ही परिवार के सात सदस्यों की हालत गंभीर।

    HighLights

    1. चांदहट गांव में लस्सी पीने से सात लोग बीमार।

    2. दो बच्चों और एक बुजुर्ग की हालत चिंताजनक।

    3. जहरीले पदार्थ या कीटनाशक से दूध दूषित होने की आशंका।

    जागरण संवाददाता, पलवल। चांदहट गांव में रविवार शाम जहां बकरी के दूध से बनी लस्सी पीने के बाद एक ही परिवार के सात सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को आनन-फानन में गंभीर हालत में नागरिक अस्पताल पलवल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे तक उनका प्राथमिक उपचार किया।

    हालांकि, स्थिति नाजुक देखते हुए सभी को बेहतर इलाज के लिए शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कालेज, नल्हड़ (नूंह) रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, रेफर के समय दो बच्चों और एक बुजुर्ग की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई थी।

    लस्सी पीते ही शुरू हुई उल्टियां, अचेत होने लगे स्वजन

    मिली जानकारी के अनुसार, चांदहट के रहने वाले सोनू पिछले दो वर्षों से अपने माता-पिता, पत्नी और तीन बच्चों के साथ बकरी पालन का काम कर रहे हैं। उनके पास करीब 20 बकरियां हैं। रविवार शाम को रोजाना की तरह बकरियों का दूध निकालकर लस्सी बनाई गई थी।

    परिवार के सातों सदस्यों ने जैसे ही इस लस्सी का सेवन किया, कुछ ही देर में सोनू के पिता गिर्राज और मां सुमन की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते सोनू, उसकी पत्नी रेनू और उनके तीनों बच्चों को भी तेज उल्टियां शुरू हो गईं और वे धीरे-धीरे अचेत होने लगे। बदहवास हालत में ग्रामीण और स्वजन उन्हें तुरंत नागरिक अस्पताल पलवल लेकर पहुंचे।

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    दूध में जानबूझकर कोई जहरीला पदार्थ मिलाने की आशंका

    परिवार के कुछ सदस्यों का कहना है कि किसी पुरानी रंजिश के तहत दूध में जानबूझकर कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया हो सकता है। वहीं, पीड़ित सोनू ने बताया कि उनकी एक बकरी दिन में बीमार थी, हालांकि दूध निकालने से पहले उसे कोई दवा नहीं दी गई थी।

    सोनू के अनुसार, यह भी मुमकिन है कि बकरियों ने खेतों में चरते समय किसी कीटनाशक का सेवन कर लिया हो, जिससे दूध में जहर फैल गया। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर ऐसा होता तो पहले बकरी की मौत होती, जो कि फिलहाल सुरक्षित है।

    इस मामले के संबंध में अभी तक पुलिस को कोई सूचना या शिकायत नहीं मिली है। जैसे ही स्वजन की ओर से कोई शिकायत आती है, पुलिस तुरंत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी। - श्री भगवान, थाना प्रभारी, चांदहट

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