भारत-अमेरिका में प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध, 22 को किसान सौंपेंगे ज्ञापन; 10 अगस्त को 'जेल भरो' आंदोलन
पलवल के किसान 22 जुलाई को फरीदाबाद में सांसद कृष्णपाल गुर्जर को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में ज्ञापन सौंपेंगे। यह समझौता भारतीय कृषि और किस ...और पढ़ें

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में आगामी 22 जुलाई को किसानों ने प्रदर्शन का किया एलान।
HighLights
22 जुलाई को सांसद कृष्णपाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपेंगे किसान।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारतीय कृषि के लिए हानिकारक बताया गया।
10 अगस्त को राष्ट्रव्यापी 'जेल भरो' आंदोलन की घोषणा की गई।
जागरण संवाददाता, पलवल। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में आगामी 22 जुलाई को फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर के आवास और कार्यालय पर प्रदर्शन कर उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जिले के किसान यह विरोध प्रदर्शन करेंगे।
आर्थिक नीतियों पर तीखे हमले किए
इसकी रणनीति तैयार करने के लिए पलवल की जाट धर्मशाला में अखिल भारतीय किसान सभा की जिला कमेटी की बैठक संपन्न हुई, जिसमें आंदोलन की आगामी रूपरेखा तय की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान रूपराम तेवतिया ने की और मंच का संचालन जिला सचिव दरयाब सिंह द्वारा किया गया। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए किसान नेताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखे हमले किए।
जनविरोधी समझौते को तुरंत रद किया जाए
किसान नेताओं का बड़ा तर्क है कि भारत सरकार अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौता करने जा रही है, वह हिंदुस्तान की कृषि और किसानों को पूरी तरह से तबाह कर देगा। उन्होंने बताया कि अमेरिका के पास बहुत बड़ी जमीन के कार्पोरेट किसान हैं, जिन्हें वहां की सरकार लाखों की सब्सिडी देती है और उनके पास बेहद उच्च व आधुनिक तकनीक है। हिंदुस्तान का गरीब और मध्यम वर्गीय किसान किसी भी स्तर पर उनका मुकाबला नहीं कर सकता, इसलिए मोर्चा मांग करता है कि इस जनविरोधी समझौते को तुरंत रद किया जाए।
समझौते के विरुद्ध ज्ञापन सौंपा जाएगा
किसान नेताओं ने बताया कि महीने भर चलने वाले इस आंदोलन को धार देने के लिए किसान सभा ने तीन चरणों में अपनी रणनीति तैयार की है। रणनीति के पहले चरण में आने वाली 22 जुलाई को फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद कृष्णपाल गुर्जर का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा और उन्हें इस प्रस्तावित भारत-अमेरिका समझौते के विरुद्ध ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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10 अगस्त को मजदूर भी करेंगे विरोध
इसके बाद दूसरे चरण में 29 जुलाई को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर का विशाल किसान अधिवेशन आयोजित होगा, जहां से इस निर्णायक आंदोलन की अधिकारिक घोषणा की जाएगी। आंदोलन के तीसरे चरण में 10 अगस्त को पूरे देश के अंदर किसान और मजदूर एकजुट होकर सभी जिला मुख्यालयों पर जेल भरो आंदोलन के तहत जेल भरने का काम करेंगे।
बैठक में किस बात पर रहा जोर?
जाट धर्मशाला में आयोजित इस बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए और इसमें भारी संख्या में किसानों व आम जनता को जोड़ा जाए। इस मौके पर किसान सभा के वरिष्ठ नेता धर्मचंद घुघेरा, नंदकिशोर शर्मा, ताराचंद प्रधान, रमेश सौरोत, नेमचंद शर्मा, मानसिंह डागर, समय राम कुंडू, श्यामदास शर्मा नंबरदार, हेतराम बेनीवाल और सतीश कमरावली मुख्य रूप से मौजूद रहे।