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    पलवल के लिए अच्छी खबर, 522 करोड़ की रेनीवेल परियोजना में आई तेजी; 2055 तक मिलेगा पर्याप्त स्वच्छ पेयजल

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 04:46 PM (GMT+05:30)

    पलवल शहर में 522 करोड़ रुपये की रेनीवेल परियोजना ने गति पकड़ ली है, जिसका लक्ष्य 2055 तक शहर की बढ़ती आबादी के लिए स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करना है। इस ...और पढ़ें

    पलवल में 522 करोड़ रुपये की रेनीवेल परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है।

    पलवल में 522 करोड़ रुपये की रेनीवेल परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है।

    HighLights

    1. 522 करोड़ की रेनीवेल परियोजना ने पलवल में पकड़ी रफ्तार।

    2. 2055 तक 2.13 लाख आबादी को मिलेगा स्वच्छ पेयजल।

    3. छह नए रेनीवेल और बूस्टिंग स्टेशन होंगे स्थापित।

    अंकुर अग्निहोत्री, पलवल। बढ़ती आबादी और लगातार गहराते पेयजल संकट से जूझ रहे पलवल शहर के लिए राहत की खबर है। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को अगले 30 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाने के लिए 522 करोड़ रुपये की रेनीवेल परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। यमुना की तलहटी में थंथरी गांव के निकट छह नए रेनीवेल स्थापित किए जाएंगे।

    इनमें से तीन रेनीवेल के लिए जमीन का चयन हो चुका है और जल्द ही किसानों से भूमि खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि शेष तीन रेनीवेल के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश जारी है। 2029 तक पूरी होने वाली इस परियोजना से पलवल शहर, नगर परिषद क्षेत्र में शामिल रोजिना, लोहागढ़, किठवाड़ी, फजलपुर, धौलागढ़, कुसलीपुर, मेघपुर, अगवानपुर, आलापुर, फिरोजपुर तथा प्रशासनिक सेक्टरों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

    करीब 2.13 लाख आबादी को मिलेगा लाभ

    2025 के आंकड़ों के अनुसार करीब 2.13 लाख आबादी को इसका लाभ मिलेगा। परियोजना को वर्ष 2055 तक की जल आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रेनीवेल से शहर तक पानी पहुंचाने के लिए थंथरी गांव में करीब 1.30 करोड़ लीटर क्षमता का मुख्य बूस्टिंग स्टेशन बनाया जाएगा।

    यहां से 16 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन किठवाड़ी स्थित दूसरे मुख्य बूस्टिंग स्टेशन तक जाएगी। इसके बाद विभिन्न बूस्टिंग स्टेशनों के जरिए पूरे शहर में पानी की आपूर्ति की जाएगी। फिलहाल शहर में प्रतिदिन 33.64 एमएलडी पानी की जरूरत है, जो वर्ष 2055 तक बढ़कर 60.36 एमएलडी होने का अनुमान है।

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    प्रति व्यक्ति 135 लीटर प्रतिदिन पानी उपलब्ध

    अभी प्रति व्यक्ति 135 लीटर प्रतिदिन पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि परियोजना पूरी होने के बाद यह बढ़कर 155.25 लीटर प्रतिदिन हो जाएगा। शहर के कई इलाकों में भूजल खारा होने के कारण लोग जनस्वास्थ्य विभाग की जलापूर्ति पर निर्भर हैं।

    वहीं पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों में लीकेज के कारण दूषित पानी की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। नगर परिषद में शामिल गांवों और नई कॉलोनियों में भी पर्याप्त पाइपलाइन नेटवर्क नहीं है। रेनीवेल परियोजना के जरिए इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान करने का दावा किया जा रहा है।

    शहर में बनेंगे छह नए बूस्टिंग स्टेशन

    परियोजना के तहत गोविंद नगर (18 लाख लीटर), फजलपुर (4.5 लाख लीटर), कुसलीपुर (19 लाख लीटर), सोहना रोड (19 लाख लीटर), रायपुर (तीन लाख लीटर) और लघु सचिवालय (18 लाख लीटर) में नए बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इन सभी को मुख्य पाइपलाइन से जोड़कर जलापूर्ति क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक भी पर्याप्त दबाव के साथ स्वच्छ पेयजल पहुंच सकेगा।

    जनस्वास्थ्य विभाग के जेई रामबीर ने बताया कि परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। तीन रेनीवेल के लिए जमीन का चयन हो चुका है। शेष तीन रेनीवेल के लिए बोरिंग के माध्यम से ऐसे स्थानों की तलाश की जा रही है, जहां पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो।

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