यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana Cabinet Meeting: हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक आज, कच्चे कर्मियों को पक्का करने की तीन नीतियों पर मंथन करेगी सरकार
Haryana Cabinet Meeting हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में मानसून सत्र की अवधि तय होगी। वहीं बैठक में कच्चे कर्मियों को पक्का करने की तीन नीतियों पर भी ...और पढ़ें

HighLights
- सरकार ने तीन तरह की नीतियों का प्लान किया तैयार
- गेस्ट टीचर्स की तर्ज पर सर्विस सिक्योरिटी एक्ट की पहली नीति
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Haryana Cabinet Meeting: हरियाणा मंत्रिमंडल की सोमवार को होने वाली बैठक में विधानसभा के मानसून सत्र की तारीख तय की जाएगी। मंत्रिमंडल द्वारा मानसून सत्र की तारीख तय करने के बाद सरकार की सिफारिश पर विधानसभा स्पीकर तय करेंगे कि सत्र कितनी अवधि का होगा। चूंकि अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में मानसून सत्र ज्यादा लंबा चलाने की सरकार की योजना नहीं है।
किसी तरह का विवाद खड़ा करने में नहीं सरकार: सीएम
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा सरकार पर बहुमत साबित करने का दबाव और राज्यपाल से सरकार को बर्खास्त करने की मांग की जा सकती है। हालांकि विधायकों के संख्या बल के हिसाब से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार को खतरा नहीं है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले सरकार किसी तरह का विवाद खड़ा करने के पक्ष में नहीं है।
कर्मचारियों की पॉलिसी पर होगी चर्चा: सीएम नायब सैनी
मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सरकार के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की पॉलिसी पर चर्चा होगी। हालांकि यह लिखित में मीटिंग का एजेंडा नहीं है, लेकिन राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा तैयार तीन अलग-अलग पॉलिसियों को मंत्रियों के ध्यान हेतु बैठक में रखा जाएगा, ताकि सर्वसम्मति से यह सहमति बनाई जा सके कि कच्चे कर्मचारियों के लिए किस तरह की पॉलिसी पर सरकार आगे बढ़े।
तीन तरह की नीतियों का प्लान तैयार
मंत्रियों की सहमति के बाद मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद को फाइनल पॉलिसी के प्रारूप को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाला राज्य मंत्रिमंडल बैठक में यह फैसला लेगा कि पांच साल, आठ साल अथवा 10 साल से अधिक सेवा वाले कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। तीन तरह की नीतियों का मसौदा तैयार है।
खबरें और भी
सर्विस सिक्योरिटी एक्ट बनाने की पहली नीति
पहली नीति गेस्ट टीचर्स की तर्ज पर सर्विस सिक्योरिटी एक्ट बनाने की है। दूसरी, सेवा सुरक्षा अधिनियम की तर्ज पर अध्यादेश लाने की पॉलिसी बनाई गई है। दोनों पॉलिसी समान हैं लेकिन इसमें अंतर केवल मानदेय और अस्थायी सेवा अवधि का है। तीसरा मसौदा रेगुलराइजेशन (नियमितीकरण) नीति का तैयार किया गया है। सेवा सुरक्षा देने के लिए तीन अलग-अलग ड्राफ्ट में अस्थायी कर्मचारियों को अलग-अलग लाभ देने का प्रस्ताव है।
समान एकमुश्त मानदेय देने का प्रस्ताव नीति में शामिल
सेवा सुरक्षा अधिनियम को लेकर बहुत कम मानदेय देने का प्रस्ताव है, जबकि अध्यादेश के ड्राफ्ट में समकक्ष नियमित कर्मचारी के न्यूनतम वेतन के समान एकमुश्त मानदेय देने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। बैठक में यह भी तय होगा कि पहले सेवा सुरक्षा अधिनियम बनाया जाए या पहले अध्यादेश जारी करने के बाद विधानसभा में विधेयक लाकर पारित किया जाए, अथवा कैबिनेट के कहने के बाद नियमितीकरण नीति जारी की जाए।
यह भी पढ़ें: मेडल से चूके हरियाणा के अनीश, पहले भी दर्ज हैं कई रिकॉर्ड; पिता ने छोड़ी वकालत तब जाकर Olympics तक का पूरा हुआ सफर
मंत्रिमंडल की इस बैठक में अग्निवीरों को नौकरियों में आरक्षण देने पर मंजूरी मिलेगी। ग्रुप सी नौकरियों में 10 फीसदी और ग्रुप बी में एक फीसदी का आरक्षण दिया जाएगा। पुलिस सिपाही, माइनिंग गार्ड, फारेस्ट गार्ड, जेल वार्डन और एसपीओ में 10 फीसदी और ग्रुप सी के सिविल पदों पर पांच फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।