यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हरियाणा पंचायत चुनाव में अनुसूचित जाति के बाद ही पिछड़ा वर्ग को मिलेगा आरक्षण, 50 फीसदी सीटें रहेंगी रिजर्व
Haryana Latest News हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सीटें भरने के बाद ही पिछड़ा वर्ग-ए और पिछड़ा वर्ग-बी को आरक्ष ...और पढ़ें

HighLights
- अनुसूचित जातियों को आरक्षण के बाद ही मिलेगा बीसी-ए और बीसी-बी को आरक्षण
- 50% सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर बीसी-ए और बीसी-बी को नहीं मिलेगा आरक्षण
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Haryana Reservation Latest News: हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं में अनुसूचित जातियों (एससी) को आरक्षण के बाद ही पिछड़ा वर्ग-ए (बीसी-ए) और पिछड़ा वर्ग-बी (बीसी-बी) को आरक्षण का लाभ मिल पाएगा।
किसी पंचायत में 50 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर बीसी-ए और बीसी-बी को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। आरक्षण में दूसरे नंबर पर बीसी-ए को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुसूचित जाति (एससी) और बीसी-ए वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या 50 प्रतिशत से कम रहने पर ही बीसी-बी को आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने हरियाणा पंचायती राज निर्वाचन नियम-1994 में बदलाव के लिए हितधारकों से 10 दिन में आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इसके बाद संशोधित नियम जारी कर दिया जाएगा।
50 फीसदी सीटें रहेंगी रिजर्व
पंच-सरपंचों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग-ए और पिछड़ा वर्ग-बी के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं।
अनुसूचित जाति के पर्याप्त उम्मीदवार न होने की स्थिति में बीसी-ए को आठ प्रतिशत और बीसी-बी को पांच प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
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हरियाणा में अनुसूचित जातियों की अब 2 कैटगिरी
वहीं, कुछ समय पहले प्रदेश में अनुसूचित जातियों (Haryana Reservation 2024) को लेकर भी बड़ा बदलाव हुआ था। दरअसल, प्रदेश में अनुसूचित जातियों की दो कैटगिरी बनाई गई। नवंबर, 2024 को प्रदेश में अनुसूचित जातियों को अब दो कैटगिरी में बांटा गया। पहली अन्य अनुसूचित जातियां और दूसरी वंचित अनुसूचित जातियां (डीएससी)।
सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत कोटे में से आधा यानी 10 प्रतिशत कोटा वंचित अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रहेगा। अगर वंचित अनुसूचित जातियों के उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं हैं तो ही अन्य अनुसूचित जातियों के उम्मीदवार को शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति मिलेगी।
10 प्रतिशत कोटा अन्य अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रहेगा। यदि अन्य अनुसूचित जातियों के उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं हैं, तो वंचित अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों को शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।
गौरतलब है कि हरियाणा देश में ऐसा करने वाला पहला राज्य बना है। प्रदेश ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को अपने यहां सबसे पहले लागू किया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री ने जैसे ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हरियाणा में लागू करने की घोषणा की, पूरा सदन तालियों से गूंज उठा।