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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हरियाणा में शपथ ग्रहण समारोह की आई तारीख, पंचकूला में तैयारी शुरू; 10-11 मंत्री ले सकते हैं शपथ, PM भी होंगे शामिल

    Updated: Thu, 10 Oct 2024 07:26 PM (IST)

    हरियाणा की नई सरकार 15 अक्टूबर को पंचकूला के सेक्टर 5 स्थित परेड ग्राउंड में शपथ लेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। ...और पढ़ें

    हरियाणा में शपथ ग्रहण समारोह की आई तारीख, पंचकूला में शुरू हुई तैयारी।
    हरियाणा में शपथ ग्रहण समारोह की आई तारीख, पंचकूला में शुरू हुई तैयारी।

    HighLights

    1. पंचकूला के परेड ग्राउंड में नए सीएम लेंगे शपथ।
    2. सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को कर दिया तेज।
    3. सड़कों की मरम्मत का काम शुरू, युद्धस्तर पर चल रहा काम।

    जागरण संवाददाता, पंचकूला। हरियाणा की नई सरकार 15 अक्टूबर को पंचकूला में शपथ लेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनेंगे। 15 अक्टूबर को सेक्टर 5 स्थित परेड ग्राउंड में नए मुख्यमंत्री को राज्यपाल द्वारा शपथ दिलवाई जाएगी।

    इस आयोजन को लेकर शहर में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को तेज कर दिया गया है। सेक्टर 5 के चारों ओर की सड़कों की मरम्मत का काम शुरू हो चुका है और इलाके को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर काम कर रहा है।

    5 दिनों तक बंद रहेगी दुकान

    इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल के आसपास की रेहडी-फड़ी वालों और छोटी दुकानों को अस्थायी रूप से 5 दिनों के लिए अपनी दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह सुरक्षा और आयोजन की भव्यता को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।

    बता दें कि 90 सदस्यीय विधानसभा में सीएम के साथ 14 मंत्री शपथ ले सकते हैं, लेकन शुरू में 10 से 11 मंत्री शपथ लेने की संभावना है।

    इस बार डिप्टी सीएम की संभावना नहीं है, क्योंकि यहां कोई विवाद नहीं है। विधानसभा में जितने विधायक होते हैं, उनका 15 प्रतिशत जितने आते है, उतने ही मंत्री कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। 90 का 15 प्रतिशत के हिसाब से 14 मंत्री कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं।  

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    क्यों नहीं होंगे डिप्टी सीएम

    भाजपा की नई सरकार में इस बार उपमुख्यमंत्री बनाने की कोई चर्चा नहीं है। न ही बीजेपी के पास कोई मजबूरी है। पिछली बार बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिली थी तो मजबूरी में जजपा का समर्थन लेना पड़ा और इसके बदले दुष्यंत चौटाला को उपमुख्यमंत्री का पद देना पड़ा था।

    इस बार भाजपा के अधिकतर नये चेहरे चुनावी रण में जीतकर आए हैं, जबकि पुराने चेहरों को प्रदेश की जनता ने नकार दिया है।

    किनकी दावेदारी मजबूत

    अंबाला छावनी से सातवीं बार चुनाव जीते पूर्व गृह मंत्री अनिल विज को इस बार मंत्रिमंडल में लिया जा सकता है। अनिल विज पिछले काफी समय से नाराज हैं और उन्होंने चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी ठोंकी थी।

    जींद के विधायक कृष्ण मिढा (पंजाबी), इसराना से चुनाव जीते राज्यसभा सदस्य कृष्ण पंवार (दलित) और नरवाना से चुनाव जीते पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार बेदी (वाल्मीकि) की दावेदारी मंत्री पद के लिए प्रबल बन रही है।

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