यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'यह उनकी निजी राय है, मैं सहमत नहीं', साक्षी मलिक के दावों पर क्या बोलीं विनेश फोगाट?
विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने साक्षी मलिक के इस विचार से असहमति जताई है कि उनके और बजरंग पुनिया के पिछले साल एशियाई खेलों के ट्रायल से छूट स्वीकार कर ...और पढ़ें

HighLights
- साक्षी मलिक के दावों पर विनेश फोगाट ने दी प्रतिक्रिया
- कहा- यह उनकी निजी राय है, मैं सहमत नहीं
पीटीआई, चंडीगढ़। स्टार पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने मंगलवार को साक्षी मलिक के इस विचार से असहमति जताई कि उनके और बजरंग पुनिया के पिछले साल एशियाई खेलों के ट्रायल से छूट स्वीकार करने के फैसले ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ उनके विरोध को कमजोर कर दिया है।
ओलंपिक कांस्य विजेता पहलवान और पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन के तीन प्रमुख चेहरों में से एक साक्षी ने अपनी हालिया किताब में दावा किया था कि विनेश और बजरंग के फैसले ने उनके आंदोलन को 'स्वार्थी' बना दिया है।
क्या बोलीं विनेश फोगाट?
विनेश ने कहा कि यह उनकी निजी राय है। मैं इससे सहमत नहीं हूं। जब तक मैं कमजोर नहीं हूं, लड़ाई कमजोर नहीं हो सकती। यह मेरा मानना है। जब तक साक्षी, विनेश और बजरंग जीवित हैं, तब तक लड़ाई कमजोर नहीं हो सकती।
विनेश ने कहा कि जो लोग जीतना चाहते हैं, उन्हें कभी कमजोर नहीं होना चाहिए। उन्हें हमेशा मैदान पर लड़ना चुनना चाहिए। इसके लिए आपको सख्त होना होगा और बाधाओं का सामना करना होगा और हम हर लड़ाई के लिए तैयार हैं।
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अपनी किताब में साक्षी ने किए चौंकाने वाले दावे
बता दें कि हाल ही में जारी अपनी किताब 'विटनेस' में साक्षी ने कहा कि उनके विरोध में तब दरार आ गई, जब बजरंग और विनेश के 'करीबी लोगों' ने उनके दिमाग में 'लालच' भरना शुरू कर दिया।
गौरतलब हो कि तीनों पहलवानों ने आरोप लगाया था कि बृजभूषण शरण सिंह ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न किया था। इस मामले की सुनवाई अभी भी दिल्ली की एक अदालत में चल रही है।
डब्ल्यूएफआई के निलंबन के बाद कुश्ती का प्रशासन संभालने वाली तदर्थ समिति ने बजरंग और विनेश को 2023 एशियाई खेलों के ट्रायल से छूट दे दी, लेकिन साक्षी ने अपने सहयोगियों के सुझाव के अनुसार मदद नहीं लेने का फैसला किया। जिसके बाद साक्षी ने प्रतिस्पर्धा नहीं की, जबकि विनेश को खेलों से पहले चोट लग गई और बजरंग हांग्जो में पदक जीतने में असफल रहे।
लड़ाई जारी रहेगी: विनेश फोगाट
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में हरियाणा विधानसभा चुनाव में जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गईं विनेश ने कहा कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक वह जीवित हैं। विनेश ने कहा कि जब हम खेल रहे थे, तो देश के करोड़ों लोगों की जिम्मेदारी हम पर थी। आज मैं कांग्रेस पार्टी से (विधायक के रूप में) चुनी गई हूं।
आज भी पूरा देश हमारी तरफ देख रहा है। हम आपको आश्वस्त कर सकते हैं कि जो लड़ाई हमने सड़कों पर और ओलंपिक तक लड़ी, वह सभी बेटियों और बहनों और उन सभी महिलाओं के लिए है जो लड़ना जानती हैं और लड़ना चाहती हैं। किसान, युवा और एथलीट हमारे देश की नींव हैं। हम तब तक लड़ेंगे जब तक हम जीवित हैं।