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    कागजों में सिमटे आदेश, रेवाड़ी में यात्रियों को रियायती दरों और पास का नहीं मिल रहा फायदा; आंखें मूंदे बैठे अधिकारी

    Updated: Mon, 27 Apr 2026 02:12 PM (IST)

    रेवाड़ी में निजी बसें परिवहन विभाग के रियायती दरों और पास पर यात्रा के आदेशों का पालन नहीं कर रही हैं। यात्री, विशेषकर छात्र, वरिष्ठ नागरिक और महिलाएं ...और पढ़ें

    रेवाड़ी में यात्रियों को सुविधा नहीं मिल रही है। एआई जनरेटेड

    रेवाड़ी में यात्रियों को सुविधा नहीं मिल रही है। एआई जनरेटेड

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    जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। रेवाड़ी में परिवहन विभाग के आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं। स्टेट कैरिज स्कीम के तहत संचालित निजी बसों में रियायती दरों व पास पर यात्रा की सुविधा यात्रियों को नहीं मिल पा रही है।

    मुख्यालय के साफ निर्देशों के बावजूद न तो निजी बसों के परिचालक आदेश मान रहे हैं और न ही स्थानीय अधिकारी सुध ले रहे हैं।

    बता दें कि हाल ही में परिवहन मुख्यालय की तरफ से सभी आरटीए को आदेश जारी कर स्टेट कैरिज स्कीम के तहत चलने वाली निजी बसों में रियायती दरों व पास पर यात्रा की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

    आदेश में कहा गया था कि रोडवेज की तरह निजी बसों में भी वरिष्ठ नागरिक, महिला, छात्र और दिव्यांगों को तय छूट मिलेगी। पास धारकों को भी यात्रा की अनुमति होगी। मगर जमीनी हकीकत इसके उलट है।

    अधिकारी मौन, कार्रवाई तक नहीं...

    रेवाड़ी-धारूहेड़ा, महेंद्रगढ़, कोसली, नारनौल आदि रूटों पर चलने वाली निजी बसों के परिचालक पास और रियायती टिकट लेने से साफ इनकार कर देते हैं। छात्र अपना बस पास दिखाते हैं तो परिचालक यह कहकर उतार देते हैं कि निजी बस में पास नहीं चलता। बुजुर्गों को आधी टिकट की सुविधा भी नहीं दी जा रही। महिला यात्रियों से पूरा किराया वसूला जा रहा है। विरोध करने पर बदसलूकी तक की जाती है।

    मुख्यालय के आदेशों को दरकिनार करने के बावजूद अधिकारियों की तरफ से निजी बसों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति होती है। यात्रियों का आरोप है कि अधिकारियों और निजी बस संचालकों की मिलीभगत से आदेश हवा हो रहे हैं।

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    महाप्रबंधक कार्यालय में दी शिकायत...

    कामरेड रामकुमार ने कहा कि रविवार को वह एक निजी बस में बैठे थे। उन्होंने सरकार की तरफ से जारी किया गया रियायती दर का पास दिखाया तो निजी बस के परिचालक ने उसे मानने से इन्कार कर दिया। वह पूरा किराया मांगने लगा। इस पर वह बस से उतर गए। वहीं संबंधित बस के परिचालक के विरुद्ध बस के नंबर सहित महाप्रबंधक को शिकायत दी है।

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    हाल ही में मुख्यालय की तरफ से स्टेट कैरिज स्कीम के तहत संचालित निजी बसों में रियायती दरों व पास पर यात्रा की सुविधा देने के निर्देश दिए गए थे। हमने इस बारे में निजी बस संचालकों को निर्देश दे दिए थे। अगर फिर भी कोई बस संचालक मनमानी कर रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। - वर्षकेतु सांगवान, निरीक्षक क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण