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KMP Expressway पर कट रहा ज्यादा टोल, पिपली से एंट्री करने वाले भी भर रहे 135 किमी का टैक्स

Updated: Mon, 24 Aug 2026 10:44 AM (IST)

कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों को तय दूरी से अधिक टोल चुकाना पड़ रहा है। फास्टैग में बैलेंस न होने या एंट्री रिकॉर्ड न होने के कारण सॉफ्टवेयर पूरे 135 किमी का टोल वसूल रहा है।

केएमपी एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों को तय दूरी के बजाय अधिक राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। प्रतीकात्मक तस्वीर

केएमपी एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों को तय दूरी के बजाय अधिक राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. KMP एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों से अधिक टोल वसूला जा रहा।

  2. पिपली टोल से एंट्री पर भी पूरे 135 किमी का शुल्क।

  3. फास्टैग बैलेंस या एंट्री पर्ची न होने से हो रही दिक्कत।

हरीश भौरिया, खरखौदा (सोनीपत)। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को इन दिनों ज्यादा टोल कटने की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिपली टोल प्लाजा से एंट्री कर बहादुरगढ़ या कुंडली की ओर जाने वाले कुछ वाहनों से भी 135 किलोमीटर लंबे केएमपी एक्सप्रेसवे का पूरा टोल वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे वाहन चालकों को तय दूरी के बजाय अधिक राशि का भुगतान करना पड़ रहा है।

क्यों कट रहा अधिक टोल टैक्स?

मौजूदा स्थिति में केएमपी के किसी भी टोल प्लाजा से एंट्री करने के बाद कम दूरी तय कर बाहर निकलने पर भी अधिक टोल कटने की शिकायत है। टोल प्लाजा पर बूम बैरियर हटाए जाने के बाद वाहन तेज गति से निकल जाते हैं।

ऐसे में कई बार वाहन की एंट्री सिस्टम में दर्ज नहीं हो पाती। दूसरे टोल प्लाजा पर एग्जिट के समय साॅफ्टवेयर वाहन की वास्तविक एंट्री का रिकाॅर्ड नहीं मिलने पर उसे पूरे केएमपी की दूरी से जोड़कर टोल की गणना कर देता है। इससे वाहन चालक से अधिक टोल वसूले जाने की स्थिति बन रही है।

फास्टैग बैलेंस का भी रखें ध्यान

वाहन चालकों को एंट्री से पहले फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करना चाहिए। यदि बैलेंस नहीं है और वाहन एंट्री प्वाइंट पार कर जाता है, तो रास्ते में फास्टैग रिचार्ज करने के बावजूद एग्जिट पर नियम के अनुसार नकद टोल देना पड़ सकता है।

ऐसे में वाहन चालक एंट्री प्वाइंट से पर्ची लेकर उसे सुरक्षित रखें। पर्ची होने से एग्जिट के समय वास्तविक एंट्री और तय दूरी के आधार पर टोल की गणना कराने में मदद मिलेगी। यदि फास्टैग से एंट्री हुई है तो एग्जिट भी फास्टैग के माध्यम से होगा, जबकि पर्ची से एंट्री लेने पर नकद भुगतान करना होगा।

साॅफ्टवेयर अपडेट का चल रहा काम

समस्या को दूर करने के लिए साॅफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है। अपडेट के बाद तेज गति से गुजरने वाले वाहनों की भी एंट्री-एग्जिट ट्रैकिंग बेहतर तरीके से हो सकेगी। फिलहाल पिपली टोल प्लाजा के एंट्री प्वाइंट पर दो लेन ही चालू हैं।

इससे पीक समय में वाहनों की कतार लग रही है। सोमवार तक साॅफ्टवेयर अपडेट का काम पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद सभी लेन सुचारु रूप से चालू कर दिए जाने के दावे कंपनी कर रही है।

"साॅफ्टवेयर अपडेट होते ही सभी लेन शुरू होने से जाम खत्म हो जाएगा। वाहन चालक या तो फास्टैग या फिर पर्ची से अपनी एंट्री सुनिश्चित करें। ऐसा नहीं होने पर एक्जिट प्वाइंट पर नियम के अनुसार पूरी दूरी का ही टोल लिया जाएगा। फास्टैग एंट्री से पहले ही रिचार्ज होना जरूरी है, या फिर पर्ची लेकर ही एंट्री दर्ज कराएं।"

-अजय, मैनेजर, पिपली टोल प्लाजा, केएमपी एक्सप्रेसवे।

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