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    पीएम सूर्य घर योजना से जुड़ेंगे सोनीपत के स्कूल, पोर्टल के जरिए मांगा जा रहा टेक्निकल सर्वे डेटा

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 02:15 PM (IST)

    सोनीपत के सरकारी स्कूलों को सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों की छतों का विस्तृत तकनीकी विवरण ...और पढ़ें

    स्कूलों की छत पर लगेंगे सोलर पैनल। फोटो: सांकेतिक

    स्कूलों की छत पर लगेंगे सोलर पैनल। फोटो: सांकेतिक

    HighLights

    1. सरकारी स्कूलों की छतों पर लगेंगे सोलर पावर प्लांट

    2. पीएम सूर्य घर पोर्टल पर तकनीकी डाटा अपलोड करने के निर्देश

    3. बिजली बचत, स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा, कम होगा खर्च

    जागरण संवाददाता, सोनीपत। जिले के सभी सरकारी स्कूलों की छतों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए जिला के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को स्कूलों का विस्तृत तकनीकी विवरण एकत्र कर पीएम सूर्य घर पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    रिपोर्ट में संरचनात्मक मजबूती, बिजली खपत ओर नेट मीटरिंग समेत कई मुख्य बिंदु शामिल किए जाएंगे।

    स्कूलों का होगा तकनीकी सर्वे

    सरकारी भवनों और शिक्षण संस्थानों को सौर ऊर्जा चालित परिसरों में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रत्येक सरकारी विद्यालय की छत की उपलब्धता, तकनीकी क्षमता और बिजली संबंधी जानकारी का सर्वे कराया जाएगा।

    सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्धारित प्रारूप में गूगल फार्म के माध्यम से रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, ताकि इसकी अनुपालना रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा सके।

    रिपोर्ट में शामिल होंगे ये बिंदु

    सर्वे के दौरान विद्यालयों की छत पर उपलब्ध छाया-मुक्त क्षेत्रफल, संभावित सोलर क्षमता, भवन की संरचनात्मक मजबूती, कुल कनेक्टेड विद्युत लोड, वार्षिक बिजली खपत, नेट मीटरिंग की संभावना तथा यदि पहले से सोलर प्लांट लगा है तो उसकी क्षमता का विवरण भी दर्ज करना होगा।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि भवन की मजबूती का प्रमाण भी देना होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इमारत सोलर पैनल और उसके ढांचे का अतिरिक्त भार सुरक्षित रूप से वहन कर सकती है।

    0.1 किलोवाट दर्ज करने के विशेष निर्देश

    तकनीकी मानकों के अनुसार प्रत्येक 10 वर्ग मीटर छाया-मुक्त छत पर एक किलोवाट रूफटाप सोलर प्लांट स्थापित किया जा सकता है। इसी आधार पर प्रत्येक स्कूल की संभावित सौर ऊर्जा क्षमता का आकलन किया जाएगा।

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    सके अलावा जिन विद्यालयों में अभी तक कोई सोलर पावर प्लांट स्थापित नहीं है, वहां पीएम सूर्य घर पोर्टल पर मौजूदा क्षमता के कालम में 0.0 किलोवाट के स्थान पर 0.1 किलोवाट दर्ज करने के विशेष निर्देश दिए गए हैं, ताकि पोर्टल पर आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जा सके।

    इस योजना के लागू होने से सरकारी स्कूलों में बिजली की बचत होगी, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सरकारी संस्थानों के ऊर्जा व्यय में भी कमी आएगी। 

    - नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत

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