Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी सिंचाई विभाग की एक गलती से सोनीपत में जल संकट का खतरा, यमुना के बहाव में हो रहा मनमाना बदलाव

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 05:20 PM (IST)

    सोनीपत में यमुना के बहाव में अप्राकृतिक बदलाव से जल संकट का खतरा बढ़ गया है। यूपी के खनन ठेकेदारों ने यमुना में आधा किलोमीटर लंबा कच्चा रास्ता बनाकर प ...और पढ़ें

    यमुना के बहाव में मनमाना बदलाव। जागरण

    यमुना के बहाव में मनमाना बदलाव। जागरण

    HighLights

    1. यूपी ठेकेदारों ने यमुना का बहाव हरियाणा की ओर मोड़ा।

    2. जाजल रेनीवैलों पर बाढ़ का खतरा, पेयजल आपूर्ति बाधित।

    3. हरियाणा की शिकायत पर यूपी सिंचाई विभाग मौन।

    संवाद सहयोगी, राई(सोनीपत)। यमुना जल के बहाव में अप्राकृतिक रूप से किए गए बदलाव से जाजल स्थित रैनीवैलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इससे सोनीपत जिले के कई हिस्सों में पेयजल सप्लाई बाधित होने की आशंका पैदा हो गई है।

    गर्मी के मौसम में अपने लाभ के लिए यमुना के स्वरूप में बदलाव कर रहे यूपी के खनन ठेकेदार सोनीपत की जनता के लिए पेयजल संकट पैदा करने पर उतारू हैं।

    यूपी सिंचाई विभाग से लाइसेंस लेकर नियमों में मनमाना बदलाव करते हुए ठेकेदार ने नदी में आधा किलोमीटर से अधिक लंबाई में कच्चे रास्ते का निर्माण कर पानी के बहाव को हरियाणा के हिस्से की तरफ कर दिया है।

    जाजल रेनीवैल से कई इलाकों में होती है पेयजल सप्लाई

    जिस दिशा में पानी का बहाव किया गया है, वह जाजल गांव का सीमा क्षेत्र है और वहां बने रेनिवैलों से सोनीपत जिले के कई हिस्सों में पेयजल की सप्लाई होती है।

    जबरदस्ती मोड़े गए पानी का बहाव रेनिवैलों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। यह बहाव अब रेलिवैलों से मात्र ढ़ाई एकड़ की दूरी पर है और इससे लगातार हो रहे कटाव के चलते कभी भी बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

    राई क्षेत्र के सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार इस मामले को लेकर गंभीर हैं और संबंधित अधिकारियों को आसन्न खतरे से अवगत भी करवाया है।

    उनका कहना है कि यूपी के बागपत इलाके के सिंचाई विभाग को लिखित में शिकायत भेजकर अपनी चिंताओं से अवगत कराते हुए मनमाने खनन को लेकर आपत्ति जताई जा चुकी है। लेकिन, यूपी के सिंचाई अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- नालों की सफाई न होने से खेतों में भरा दूषित पानी, गन्नौर में किसानों की महीनों की मेहनत हो सकती है बेकार