सावधान! बारिश में बढ़ा सांपों का खतरा, 35 लोग बने शिकार, भूलकर भी न करें ये गलती
यमुनानगर में वर्षा ऋतु में सर्पदंश के मामले बढ़े हैं, जुलाई में 35 घटनाएं दर्ज हुईं और एक युवती की मौत भी हुई। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर बचा ...और पढ़ें

वर्षा में बढ़ा सर्पदंश का खतरा, झाड़ फूंक की बजाय अस्पताल में आकर कराएं इलाज। प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
जुलाई में यमुनानगर में 35 सर्पदंश के मामले
एक युवती की सर्पदंश से हुई दुखद मौत
स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश से बचाव की एडवाइजरी जारी की
जागरण संवाददाता, यमुनानगर। वर्षा का सीजन चल रहा है। ऐसे में सर्पदंश के मामले भी सामने आने लगे हैं। जुलाई माह में 35 मामले सर्पदंश के सामने आए हैं। एक युवती की सांप के डसने से मौत भी हो चुकी है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी एडवाइजरी जारी की है।
जिले के कलेसर नेशनल पार्क में रेड बोआ, दामन (रैट स्नेक), कामन करैत, स्पेक्टेकल्ड कोबरा (नाग) और रसेल वाइपर प्रजाति के सांप मिलते हैं। इनमें कमन करैत, स्पेक्टेकल्ड कोबरा और रसेल वाइपर विषैले हैं, जबकि रेड बोआ और दामन विषहीन हैं। इन्हीं प्रजाति के सांप आबादी वाले क्षेत्रों में भी पहुंच जाते हैं।
देहात से लेकर शहर तक में आबादी वाले क्षेत्रों में सांप निकलने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। वर्षा के दिनों में जिन एरिया में पानी जमा होने की अधिक संभावना रहती है या पानी जमा होता है। वहां पर सांप निकलने की संभावना अधिक रहती है। इसके साथ ही खेतों में भी सांप निकल आते हैं। रात के समय में सिंचाई के लिए खेतों में जाने वाले किसानों को भी खतरा बना रहता है।
इस साल सर्पदंश के 94 केस मिले
इस वर्ष में अब तक 94 केस सर्पदंश के स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज हुए हैं। जून माह में 29 मरीज अस्पताल में पहुंचे। गत वर्ष की बात करें तो 159 मरीज अस्पताल में सर्पदंश के पहुंचे थे, जिसमें से एक की मौत भी रिकॉर्ड में हुई है। जून 2025 में 25 और जुलाई 2025 में 67 लोगों को सांप ने डसा।
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सांप के डसने के स्थान पर लगाए कट
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि जब भी खेतों में या ऐसी किसी जगह पर जाए वहां पर पैरों में जूते व पूरे कपड़े पहन कर जाएं। यदि किसी व्यक्ति को सांप ने डस लिया तो किसी प्रकार का कट ना लगाएं। न ही उस जगह पर मिर्च आदि डाले और ना ही कपड़े से बांधे, क्योंकि बांधने से ब्लड की सप्लाई रूक जाती है
मृत सांप भी नुकीले दातों से छोड़ सकता है जहर
नोडल अधिकारी (स्नैक बाइट) डॉ. वागीश गुटैन ने बताया कि सांप आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते जब तक उन्हें डराया, पकड़ा या वह अनजाने में पैर के नीचे आ जाए। मरे हुए सांप को भी हाथ में न उठांए क्योंकि मरा हुआ सांप भी अपने नुकीले दांतों से जहर छोड़ सकता है। छोटे सांप अधिक डसने वाले होते है।
चलते समय भारी कदमों के साथ चले ताकि सांप पैरों की वाइब्रेशन से आपके रास्ते से हट जाए। सांप के डसने पर परंपरागत इलाज में समय बर्बाद न करें। सांप के डसने वाली जगह पर ठंडी सिकाई न करें और डसने वाली जगह पर मुंह से जहर न निकाले और न ही उसे पानी से धोएं।