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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana News: नहीं बना पुल तो पूरे गांव ने कर दिया आम चुनाव का बहिष्कार, लाख मनाने के बाद बैरंग लौटे अधिकारी

    By Jagran NewsEdited By: Deepak Saxena
    Updated: Sun, 26 May 2024 03:22 PM (IST)

    यमुनानगर (Loksabha Election in Yamunagar) के माजरी टापू गांव में यमुना पर पुल न बनने से ग्रामीणों ने आम चुनाव का बहिष्कार कर दिया। डीसी के आदेश पर डीड ...और पढ़ें

    नहीं बना पुल तो पूरे गांव ने कर दिया आम चुनाव का बहिष्कार।
    नहीं बना पुल तो पूरे गांव ने कर दिया आम चुनाव का बहिष्कार।

    HighLights

    1. यमुनानगर के माजरी टापू गांव में ग्रामीणों ने आम चुनाव का बहिष्कार किया
    2. डीडीपीओ व नायब तहसीलदार को घंटों के प्रयास के बाद भी ग्रामीणों ने लौटाया बैरंग
    3. ग्रामीणों को जगाधरी आने के लिए यमुना नदी पर करने को लेना पड़ता है नाव का सहारा

    जागरण संवाददाता, यमुनानगर। माजरी टापू गांव के बीच यमुना नदी पर पुल न बनाए जाने को लेकर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया। चुनाव का बहिष्कार होने की खबर मिलने पर डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने डीडीपीओ नरेंद्र कुमार व नायब तहसीलदार अमित सिंह को ग्रामीणों को समझाने के लिए भेजा। लेकिन अधिकारियों के लाख प्रयास के बावजूद भी उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा।

    ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जगाधरी आने के लिए या तो यमुना पार करने को नाव का सहारा लेना पड़ता है या फिर 40 किमी यूपी से घूम कर आना पड़ता है। गांव की आबादी 18 सौ के करीब है और 650 वोटर हैं।

    पोलिंग पार्टी करती रही मतदाताओं का इंतजार

    यमुनानगर विधानसभा का घोडा पिपली व गांव माजरी टापू यमुना नदी के दूसरे छोर पर स्थित है। घोड़ा पिपली में कुछ लोगों ने मतदान कर दिया, जबकि माजरी टापू गांव के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में अंबाला लोकसभा का बूथ नंबर 232 पर मतदान नहीं हुआ। पोलिंग पार्टी दिन भर मतदाताओं का इंतजार करती रही।

    यमुना नदी पर पुल बनाने की मांग

    चार दिन पहले गांव के ग्रामीणों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर चेतावनी दी थी कि यमुना नदी पर पुल बनाया जाए। इसके बाद डीसी कैप्टन मनोज कुमार गांव में पहुंचे थे। शुक्रवार की शाम को चुनाव कराने के लिए पोलिंग पार्टी माजरी टापू गांव में सुरक्षाबलों के साथ पहुंची थी। रात में ही पोलिंग पार्टी ने अपनी तैयारी पूरी कर ली थी।

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    डीसी ने की ग्रामीणों को मनाने की कोशिश

    शनिवार की सुबह मॉक पोल किया गया। सात बजे मतदान शुरू हुआ तो कोई भी मतदान करने के लिए नहीं पहुंचा। एजेंट भी नहीं बने। इसके बाद दोपहर 10 बजे पोलिंग पार्टी ने ग्रामीणों द्वारा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी अधिकारियों को दी, जिसके बाद डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने डीडीपीओ नरेंद्र कुमार व नायब तहसीलदार अमित सिंह को गांव में भेजा।

    अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया

    गांव में पहुंचकर अधिकारियों ने पूर्व सरपंच अशोक कुमार की बैठक में सरपंच अरुण कुमार की मौजूदगी में ग्रामीणों से बातचीत की। लगभग दो घंटें तक दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। मगर ग्रामीणों ने अधिकारियों की एक ना सुनी। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक यमुना पर पुल नहीं बन जाता तब तक चुनावों का बहिष्कार जारी रहेगा।

    रूटीन कामों में लगे रहे ग्रामीण

    लोकसभा चुनाव का मतदान होने के चलते ग्रामीण दिन भर अपने कामों में जुटे रहे। ग्रामीण सुबह खेतों में जाकर काम करके आए। मतदान केंद्र की तरफ किसी ने जाकर भी नहीं देखा। मतदान केंद्र पर पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। हालांकि ग्रामीणों ने मतदान कराने के लिए पहुंची पोलिंग पार्टी को भोजन भी कराया।

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    गांव में मौजूद पुलिस चौकी

    माजरी टापू गांव में पुलिस चौकी भी स्थित है। गांव के ग्रामीणों को यदि यमुनानगर-जगाधरी किसी काम से आना पड़ता है तो उन्हें नाव से यमुना पार करनी पड़ती है या फिर यूपी के सहारनपुर जिले के सरसावा ब्लाक के गांव शाहजहांपुर से होते हुए यमुनानगर का पुल पार करके फिर यमुनानगर जिले में आना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यमुना पर पुल बन जाए तो गांव से जगाधरी तक की दूरी 10 किमी बैठती है।

    सहारनपुर में पढ़ने जाते हैं बच्चे

    स्थानीय निवासी श्याम, नितिन व अन्य का कहना है कि गांव में सरकारी स्कूल भी है। उच्च शिक्षा के लिए गांव के बच्चों को यूपी के सहारनपुर जिले के कालेजों व स्कूलों में जाना पड़ता है। जो गांव में काफी दूर पड़ता है। यदि यमुना पर पुल बन जाता है तो बच्चों को भी उच्च शिक्षा यमुनानगर व जगाधरी के कॉलेजों में मिलेगी।

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