हिमाचल में तबाही मचा रही भारी बारिश: फोरलेन पर दरका पहाड़ नीचे चल रही थी गाड़ियां, लोगों की निकल गई चीखें
बिलासपुर के नौणी-भराड़ीघाट फोरलेन पर भारी बारिश के कारण पहाड़ दरकने से मलबा सड़क पर आ गया, जिससे करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। स्थानीय लोगों ने ...और पढ़ें
HighLights
बिलासपुर फोरलेन पर पहाड़ दरकने से यातायात रुका।
भारी बारिश के कारण भूस्खलन, बड़ा हादसा टला।
स्थानीय लोगों ने NHAI से स्थायी सुरक्षा उपाय मांगे।
जागरण संवाददाता, बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है और यह अभी थमने वाला नहीं है। 31 जुलाई तक मानसून पूरी तरह से सक्रिय रहने वाला है। इस बीच भूस्खलन की घटनाओं से लोग दहशत में हैं। बिलासपुर के नौणी-भराड़ीघाट फोरलेन पर क्यारड़ पंचायत के पास पहाड़ दरक गया। पहाड़ी से अचानक गिरे मलबे से राहगीरों और वाहन चालकों की सांसें अटक गईं। जिसने यह नजारा देखा उसकी चीख निकल गई।
बाल-बाल बचे वाहन सवार
घटनास्थल पर वाहन सवार बाल-बाल बचे। गनीमत यह रही कि मलबे की चपेट में कोई वाहन नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, भूस्खलन के कारण फोरलेन पर करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद मशीनरी ने मोर्चा संभाला और मलबा हटाकर करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद यातायात बहाल कराया।
कटिंग वाले स्थानों पर लगातार मंडरा रहा खतरा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के दौरान कई स्थानों पर अव्यवस्थित तरीके से पहाड़ों की कटिंग की गई है। इसके चलते बरसात के मौसम में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। यदि एनएचएआइ ने समय रहते यहां स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए, तो कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
एनएचएआई करे स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षा के समय केवल मलबा हटाकर सड़क खोल देना काफी नहीं है। पहाड़ों की कटिंग को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित किया जाना चाहिए। एनएचएआई को तुरंत इन संवेदनशील इलाकों में रॉक बोल्टिंग, क्रैश बैरियर और सुरक्षा दीवारें लगानी चाहिए।