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    हिमाचल के राजस्व मंत्री ने RSS पर क्या टिप्पणी की? जिससे मच गया बवाल, भाजपा नेताओं ने नेगी के खिलाफ खोला मोर्चा

    By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 29 Nov 2025 02:39 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में एक मंत्री द्वारा आरएसएस पर की गई टिप्पणी से बवाल मच गया है। भाजपा नेताओं ने सदन के अंदर और बाहर मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी। जागरण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. मंत्री की आरएसएस पर विवादित टिप्पणी

    2. भाजपा का सदन के बाहर प्रदर्शन

    3. मंत्री के इस्तीफे की मांग

    राज्य ब्यूरो, धर्मशाला। तपोवन स्थित विधानसभा में शुक्रवार को भाजपा ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर की टिप्पणी पर हंगामा किया। भाजपा ने मांग की कि टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाया जाए और राजस्व मंत्री माफी मांगें। 

    हंगामे के बीच प्रश्नकाल में व्यवधान पड़ा और विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने दिन में सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आरएसएस पर कई टिप्पणी की हैं, उन्होंने पहनावे से लेकर विचारधारा पर सवाल उठाए थे। 

    टिप्पणी के लिए माफी मांगें नेगी : डॉ. सिकंदर

    भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि देश को विभाजित करने वाली कांग्रेस आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे राष्ट्र निर्माण में लगे संगठन पर निराधार और अशोभनीय टिप्पणियां कर रही है, जिसे भारतीय जनता पार्टी किसी परिस्थित‌ि में स्वीकार नहीं करेगी। ये टिप्पणियां घटिया मानसिकता का प्रतीक हैं। डॉ. सिकंदर कुमार ने आरोप लगाया कि मंत्री जगत सिंह नेगी संघ व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के फोबिया से ग्रस्त हैं, जिसके कारण वे लगातार अनर्गल और विवादित बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता आरएसएस पर की टिप्पणी के लिए माफी मांगें। 

    आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए, जिनका कोई आधार नहीं

    जयराम ने कहा कि राजस्व मंत्री ने वीरवार को विपक्ष के पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर लाए काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुद्दे से बाहर जाकर आरएसएस पर टिप्पणी की। नेगी ने आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए, जिनका कोई आधार नहीं है। उन्होंने जिन शब्दों का प्रयोग किया, वह दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

    राष्ट्र सेवा में आरएसएस का बहुत बड़ा योगदान

    राजस्व मंत्री सरकार के तंत्र को तहस-नहस कर रहे हैं और इनके तौर-तरीकों से सरकार बार-बार संकट में आ जाती है। मुख्यमंत्री भी राजस्व मंत्री को रोकने या पूछने की स्थिति में नहीं हैं। आरएसएस ने 1925 में अपने गठन के बाद से राष्ट्र सेवा में बहुत बड़ा योगदान दिया है। 

    खबरें और भी

    हम एक बिरादरी के लोग हैं, क्या ऐसे एक-दूसरे के कपड़े उतारेंगे : हर्षवर्धन

    संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नेगी का बचाव करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने जो बातें कहीं, वे ठीक नहीं हैं। हम एक बिरादरी के लोग हैं और क्या इस तरह से एक-दूसरे के कपड़े उतारेंगे। समाज का कोई भी वर्ग ऐसे नहीं उलझता है। नेगी ने एक संगठन के विरुद्ध टिप्पणी की है, क्योंकि कोई भी राजनीतिक दल दूसरे दल की तारीफ नहीं करता, यही परंपरा है। नेता प्रतिपक्ष या भाजपा नेगी की ओर से की निंदा को व्यक्तिगत रूप से न लें।

    मुख्यमंत्री नेगी को ज्यादा छूट न दें : परमार

    भाजपा सदस्य विपिन सिंह परमार ने कहा कि आरएसएस सदन में नहीं है। आरएसएस राजनीति की सीढ़ी चढ़ने का माध्यम नहीं है। कांग्रेस जिनके नाम पर राजनीति करती है, ऐसे कांग्रेस नेताओं ने कभी पीठ पर एक कोड़ा तक नहीं खाया। नेगी के कारण मुख्यमंत्री और कांग्रेस की छवि धूमिल हो रही है। इसलिए मुख्यमंत्री उन्हें ज्यादा छूट न दें।

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    नेगी के प्रति विपक्ष में दुर्भावना : सुक्खू

    विपक्ष के हंगामे को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा भाजपा नेताओं के विरुद्ध कुछ नहीं कहा है। कांग्रेस ने कभी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की। कांग्रेस का प्रदर्शन पूर्व निर्धारित था और जब भाजपा वाले वहां से चले गए तभी कांग्रेस विधायक वहां आए। सदन आम सहमति से चलना चाहिए। भाजपा में जगत सिंह नेगी के प्रति दुर्भावना है। नेगी जब भी बोलते हैं तो विपक्ष बाहर चला जाता है। सदन की कार्यवाही के बीच व्यवधान डालना विपक्ष की आदत बन गई है। विपक्ष की टिप्पणियों से हम परहेज करते हैं। 

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