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    हिमाचल की रुचिका ने दक्षिण कोरिया की सबसे ऊंची चोटी हल्लासन पर लहराया तिरंगा, बेहद मुश्किल है ट्रैक

    By Dinesh Katoch Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 12 Jul 2026 03:09 PM (IST)

    पालमपुर की रुचिका भंगलिया ने दक्षिण कोरिया की सबसे ऊंची चोटी हल्लासन (1,947 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर हिमाचल का नाम रोशन किया है। रुचिका की यह उपलब् ...और पढ़ें

    पालमपुर की रुचिका भंगलिया ने दक्षिण कोरिया की सबसे ऊंची चोटी फतह की।

    पालमपुर की रुचिका भंगलिया ने दक्षिण कोरिया की सबसे ऊंची चोटी फतह की।

    HighLights

    1. रुचिका भंगलिया ने दक्षिण कोरिया की हल्लासन चोटी फतह की।

    2. पालमपुर की बेटी ने हिमाचल का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया।

    3. 'पहाड़न बेकर्स' की संस्थापक रुचिका बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं।

    जागरण संवाददाता, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसी कड़ी में पालमपुर उपमंडल के लोअर खैरा गांव की बेटी एवं पहाड़न बेकर्स की संस्थापक 34 वर्षीय रुचिका भंगलिया ने दक्षिण कोरिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी हल्लासन (1,947 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

    रुचिका ने 8 जुलाई 2026 को चुनौतीपूर्ण ट्रैक पूरा कर हुए हल्लासन के शिखर तक पहुंचकर अपनी यह उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की। हल्लासन एक प्रसिद्ध ज्वालामुखीय पर्वत है, जो दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप पर स्थित है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और रोमांचक ट्रेकिंग मार्गों के कारण यह पर्वत दुनियाभर के पर्वतारोहियों और प्रकृति प्रेमियों के बीच विशेष पहचान रखता है।

    दिल्ली में चलाती हैं पहाड़न बेकर्स

    दिल्ली में रहकर अपना उद्यम पहाड़न बेकर्स संचालित करने वाली रुचिका लंबे समय से ट्रेकिंग और पर्वतारोहण के प्रति समर्पित रही हैं। व्यस्त व्यावसायिक जीवन के बावजूद उन्होंने अपने साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। उनका मानना है कि कठिन परिस्थितियां व्यक्ति के हौसले की परीक्षा लेती हैं और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

    सफलता पर क्या बोलीं रुचिका

    अपनी सफलता पर रुचिका ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की उन सभी बेटियों को समर्पित है जो बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस रखती हैं। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उन्होंने युवाओं, विशेषकर बेटियों से अपने सपनों का आत्मविश्वास के साथ पीछा करने का आह्वान भी किया।

    रुचिका की इस उपलब्धि पर लोअर खेड़ा सहित पूरे पालमपुर क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि गांव की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का गौरव बढ़ाया है। उनका यह साहसिक अभियान प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और उन्हें जीवन में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रोत्साहित करेगा। 

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    रुचिका का परिवार

    रुचिका भंगलिया के पिता दलजीत पाल भंगालिया काटेज इंपोरियम दिल्ली से सेवानिवृत हैं जबकि उनकी माता सुषम भंगालिया गृहणी हैं व रुचिका के पति पंकज सिंह दिल्ली में निजी तौर पर अपना कार्य करते हैं।

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