हिमाचल में पंचायत चुनाव लड़ सकेंगी आशा वर्कर, सरकार ने स्पष्ट की स्थिति; आधिकारिक निर्देशों में क्या?
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि आशा कार्यकर्ता पंचायत चुनाव लड़ सकती हैं क्योंकि वे स्वैच्छिक कार्यकर्ता हैं और लाभ के पद पर नहीं आतीं। इस नि ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में आशा वर्कर पंचायत चुनाव लड़ सकेंगी। प्रतीकत्मक फोटो
HighLights
आशा कार्यकर्ता लड़ सकेंगी हिमाचल पंचायत चुनाव।
स्वैच्छिक कार्यकर्ता होने के कारण लाभ का पद नहीं।
हजारों आशा कार्यकर्ताओं के लिए राजनीति का मार्ग खुला।
संवाद सहयोगी, जसवां परागपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी कर निर्धारित किया है कि आशा कार्यकर्ता अब पंचायत प्रतिनिधि के रूप में चुनाव लड़ सकेंगी और उन्हें इस आधार पर अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता है। विभाग की ओर से जारी आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार आशा कार्यकर्ता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एक स्वैच्छिक कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं देती हैं और उन्हें उनके कार्य के आधार पर केवल प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
स्पष्टीकरण में किस बात पर जोर
प्रशासनिक स्पष्टीकरण में इस बात पर जोर दिया है कि आशा कार्यकर्ता न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी हैं और न ही वे अनुबंध या नियमित आधार पर सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। चूंकि उन्हें कोई निश्चित वेतन नहीं मिलता है, इसलिए उन्हें लाभ के पद के दायरे से बाहर रखा है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 122 के प्रविधान को ध्यान में रखते हुए लिया है, जो स्पष्ट करता है कि स्वैच्छिक सेवा देने वाले चुनाव लड़ने के पात्र हैं।
राजनीति में भागीदारी का मार्ग प्रशस्त
इस आदेश के बाद अब राज्य की हजारों आशा कार्यकर्ताओं के लिए जमीन स्तर पर राजनीति में भागीदारी सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में सभी जिला पंचायत अधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं ताकि भविष्य में होने वाले चुनाव या नामांकन के दौरान किसी भी प्रकार की कानूनी उलझन न रहे।
यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रिय महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करने वाला माना जा रहा है। पंचायती राज विभाग ने इस संदर्भ में वर्ष 2019 को आशा कार्यकर्ताओं के चुनाव लड़ने से संबंधित मंजूरी प्रदान की थी।
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क्या कहते हैं निदेशक
पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने बताया कि आशा वर्कर पंचायत प्रतिनिधि के रूप में चुनाव लड़ सकती हैं। इस पर अभी तक नवीनतम कोई भी रोक नहीं है। विभाग पहले ही इस बारे स्पष्टीकरण जारी कर चुका है।