Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कांगड़ा में भूकंप के झटकों के बाद प्रशासन अलर्ट, सभी संस्थानों को माकड्रिल का निर्देश, सुरक्षा ऑडिट की भी डेडलाइन तय

    Updated: Tue, 19 Aug 2025 03:31 PM (IST)

    Earthquake In Kangra कांगड़ा जिला प्रशासन ने भूकंप की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संस्थानों को सुरक्षा तैयारियाँ मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। संस्थ ...और पढ़ें

    सभी संस्थानों व विभागों को भूकंप सुरक्षा एवं तैयारी को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो
    सभी संस्थानों व विभागों को भूकंप सुरक्षा एवं तैयारी को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. कांगड़ा में भूकंप सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त |
    2. सभी संस्थानों को सुरक्षा ऑडिट का आदेश |
    3. कर्मचारियों के लिए भूकंप सुरक्षा अभ्यास अनिवार्य |

    संवाद सहयोगी, धर्मशाला। भूकंप की दृष्टि से कांगड़ा जिला की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी संस्थानों व विभागों को सुरक्षा और आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों को तुरंत मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं।

    जिला दंडाधिकारी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि जिला के समस्त संस्थान समयबद्ध ढंग से कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि समस्त संस्थान ड्राप, कवर और होल्ड भूकंप सुरक्षा अभ्यास करें। सभी स्टाफ, विद्यार्थी एवं कर्मचारियों के लिए यह अभ्यास दो दिनों के भीतर करवाना अनिवार्य है।

    इस संबंध में की गई गतिविधियों की रिपोर्ट एवं तस्वीरें जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मोबाइल नंबर 94594.85243 पर भेजी जाएं। बीते कल यानी सोमवार को रात साढ़े नौ बजे के करीब कांगड़ा जिला में 3.9 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया था। 

    भूकंप की दृष्टि से अतिसंवेदनशील है कांगड़ा

    जिला कांगड़ा 1905 में 7.8 तीव्रता का भूकंप झेल चुका है, जिसमें 20 हजार से अधिक लोग मारे गए थे। कांगड़ा भूकंप की दृष्टि से अतिसंवेदनशील है व यह क्षेत्र जोन पांच में आता है। 

    एक सप्ताह में करवाना होगा सुरक्षा ऑडिट 

    उन्होंने कहा कि सभी संस्थान एक सप्ताह के भीतर अपनी संवेदनशील परिसंपत्तियों, महत्वपूर्ण भवनों एवं लाइफ लाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर का त्वरित सुरक्षा ऑडिट करें, ताकि जोखिमों एवं कमियों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही भूकंप सुरक्षा से संबंधित भवनों की समीक्षा कर किसी भी संरचनात्मक कमी को रिपोर्ट किया जाए।

    खबरें और भी

    निकासी योजना का भी अभ्यास करें

    उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य प्रतिक्रिया एवं तैयारी प्रणाली को मजबूत करना है। समस्त संस्थान आपातकालीन संचार प्रोटोकाल अपडेट करने के साथ ही आपदा की स्थिति में निकासी योजनाओं का भी अभ्यास करें। 

    स्वंयसेवकों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण का निर्देश

    इसके साथ ही प्राथमिक उपचार, अग्नि सुरक्षा और बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और संस्थान में सुरक्षित एकत्रीकरण स्थलों की पहचान कर प्रमुख कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करें।

    जागरूकता गतिविधियां चलाएं संस्थान

    उपायुक्त ने कहा कि संस्थान में जागरूकता गतिविधियां चलाएं, ताकि प्रत्येक सदस्य को यह जानकारी हो कि भूकंप से पहले, दौरान और बाद में सुरक्षित तरीके से कैसे कार्य करना है। उन्होंने कहा कि यह सभी कार्य अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं और एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर रिपोर्ट प्राधिकरण को भेजी जाए।

    यह भी पढ़ें- तबाही के बीच हिमाचल में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके, कांगड़ा के 10 KM की गहराई में था केंद्र

    यह भी पढ़ें- Himachal: 300 यूनिट फ्री बिजली पर CM सुक्खू का आया जवाब, क्या स्मार्ट मीटर खाएगा नौकरियां? सरकार ने भरा नेताओं का लाखों का बिल