Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल में मंदिर तक पहुंची जंगल की आग में फंस गए 500 लोग, डॉ. वैशाली की सूझबूझ से टली बड़ी त्रासदी

    By Dinesh Katoch Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 10 Jun 2026 03:45 PM (IST)

    कांगड़ा के नगरोटा बगवां में नयना देवी मंदिर के पास जंगल में लगी भीषण आग से करीब 500 श्रद्धालु फंस गए थे। डॉ. वैशाली कक्कड़ की सूझबूझ और प्रशासन की त्व ...और पढ़ें

    HighLights

    1. नयना देवी मंदिर के पास जंगल में लगी भीषण आग।

    2. करीब 500 श्रद्धालु आग की चपेट में फंस गए थे।

    3. डॉ. वैशाली कक्कड़ की सूझबूझ से सभी सुरक्षित बचाए गए।

    संवाद सहयोगी, योल (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र में भड़की आग ने सैकड़ों लोगों की जान आफत में डाल दी थी। पटियालकड़ गांव स्थित नयना देवी मंदिर के आसपास मंगलवार शाम जंगल में भीषण आग भड़क उठी थी। तेज हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और मंदिर परिसर तथा आसपास के रास्तों को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय मंदिर में भंडारे और भजन कीर्तन के कार्यक्रम के चलते करीब 500 श्रद्धालु मौजूद थे। 

    वैशाली ने लिया होश से काम

    हालात इतने गंभीर हो गए कि श्रद्धालुओं के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया, लेकिन तंगरोटी गांव की युवती डा. वैशाली कक्कड़ जो डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज टांडा में मेडिसन विभाग में चिकित्सक हैं, उनकी सूझबूझ और साहस ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।

    प्रशासन को सूचित कर लोगों को भी समझाया

    इस दौरान डॉ. वैशाली कक्कड़ ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए घबराने के बजाय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने और संयम बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने तुरंत पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाने का आग्रह किया। 

    Nagrota Forest Fire 12

    तुरंत हरकत में आया प्रशासन

    सूचना मिलते ही वन विभाग और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब दो घंटे तक चले अभियान के दौरान अग्निशमन कर्मियों और वन विभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर काबू पाया और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।

    खबरें और भी

    राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि जंगल के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

    डॉ. वैशाली की जुबानी

    डॉ. वैशाली कक्कड़ ने बताया कि मंदिर में आयोजित भंडारे और भजन कीर्तन कार्यक्रम में तगरोटी, धलूं और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। अचानक आग भड़कने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन समय रहते प्रशासन और संबंधित विभागों को सूचना देने से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया।

    तेज हवाओं के कारण सुलगी थी आग

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब तीन बजे जंगल में आग लगी थी, जिस पर प्रारंभिक रूप से काबू पा लिया गया था। हालांकि तेज हवाओं के कारण शाम 7:30 बजे के करीब आग फिर भड़क उठी और कुछ ही समय में पूरे क्षेत्र में फैल गई। आग की लपटें मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों तक पहुंच गईं, जिससे श्रद्धालु जंगल और मंदिर परिसर के बीच फंस गए।

    क्या कहते हैं प्रत्यक्षदर्शी

    वहीं तगरोटी निवासी सचिन कौशल ने बताया कि वह 12 लोगों के साथ मंदिर गए थे। वापसी के समय आग ने इतना भयंकर रूप ले लिया था कि सड़क तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया। आग की लपटें और धुआं चारों ओर फैल चुका था, जिससे लोग भयभीत हो गए थे। उन्होंने कहा कि करीब दो घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल सके।

    Nagrota Forest Fire 11

    वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर

    बुधवार को डीएफओ सहित वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का दौरा कर जांच शुरू कर दी। अधिकारी आग लगने के कारणों का पता लगाने और जंगल को हुए नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। प्रारंभिक तौर पर आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, लेकिन विभाग हर पहलू से मामले की जांच कर रहा है।

    दिन में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया था और एहतियात के तौर पर लोगों को जंगल की ओर न जाने की सलाह भी दी गई थी। इसके बावजूद शाम को तेज हवाओं के कारण आग दोबारा भड़क उठी। वन विभाग और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर नियंत्रण पाया और फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया। नुकसान का आकलन किया जा रहा है व आग लगने के कारणों की भी जांच हो रही है।
    -अमित शर्मा, डीएफओ, धर्मशाला।

    यह भी पढ़ें: मंडी शहर में आधी रात को अनियंत्रित ट्रक ने मचाई तबाही, धमाके सुनकर सड़क पर पहुंचे लोग; बिजली-इंटरनेट सब ठप 

    यह भी पढ़ें: हिमाचल सरकार ने 24 जून तक HRTC कर्मचारियों की मांगें न मानी तो बसें खड़ी कर देंगे ड्राइवर; ऊना में यूनियन का प्रदर्शन