हिमाचल पंचायत चुनाव: झिकली इच्छी में 33 वोट गायब होने पर रातभर हंगामा, पोलिंग पार्टी कमरे में कर दी बंद
जिला कांगड़ा की झिकली इच्छी पंचायत में मतगणना के दौरान 33 वोट गायब होने के आरोप पर रातभर हंगामा हुआ, जिसके चलते नाराज लोगों ने पोलिंग पार्टी को कमरे म ...और पढ़ें

33 वोट गायब होने के मामले में अधिकारियों के समक्ष अपना विरोध जताते प्रत्याशी। जागरण
HighLights
झिकली इच्छी में 33 वोट गायब होने का आरोप।
मतगणना के दौरान पोलिंग पार्टी को कमरे में बंद किया।
पुलिस-प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
संवाद सहयोगी, गगल (कांगड़ा)। हिमाचल पंचायत चुनाव में कई तरह की लापरवाही सामने आ रही हैं। जिला कांगड़ा की पंचायत झिकली इच्छी में मतगणना के दौरान 33 वोट गायब होने के आरोप पर पूरी रात हंगामा हुआ। नाराज लोगों ने मतदान प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और पोलिंग पार्टी को कमरे में बंद कर दिया। मामला बढ़ता देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को पंचायत झिकली इच्छी के 11 वार्डों के लिए मतदान संपन्न होने के बाद मतपेटियों को पंचायत कार्यालय इच्छी लाया गया। रात करीब 8 बजे मतगणना शुरू हुई और रात 12 बजे तक सभी वार्ड पंचों के परिणाम घोषित कर दिए गए। इसके बाद उपप्रधान पद के लिए वोटों की गिनती शुरू हुई, जिसमें कुल 2751 वोटों की गणना हुई, इसमें साहिल सैनी को 1333 मत प्राप्त होने पर उपप्रधान पद पर विजयी घोषित किया गया।
इसके बाद प्रधान पद के लिए मतगणना शुरू हुई, लेकिन यहां मामला उलझ गया। प्रधान पद की गिनती में कुल 2751 वोटों के बजाय केवल 2718 वोटों की ही गणना हुई। 33 वोट कम पाए जाने पर उम्मीदवारों और समर्थकों ने धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सुबह साढ़े 4 बजे तक चली मतगणना
मतगणना रात एक बजे से लेकर सुबह करीब 4:30 बजे तक चली। आखिर में इकबाल गुलेरिया को 8 वोटों से प्रधान पद पर विजयी घोषित किया गया, लेकिन विरोधी पक्ष ने परिणाम मानने से इनकार कर दिया। इस पंचायत के पूर्व प्रधान विजय कुमार ने 33 वोट गायब होने का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
पुलिस व प्रशासन हुए चौकन्ने
स्थिति तनावपूर्ण होती देख गगल थाना प्रभारी उधम सिंह पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करवाया। मामले की सूचना कांगड़ा के एसडीएम इशांत जसवाल को भी दी गई। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार प्रकाश चंद और बीडीओ कांगड़ा पारुल मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच की।
अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की धांधली या गड़बड़ी का संदेह है तो वे लिखित शिकायत दें।
यदि किसी उम्मीदवार या मतदाता को चुनाव परिणाम पर संदेह है या उन्हें लगता है कि 33 वोट गायब हुए हैं, तो वे चुनाव याचिका दायर कर अदालत में परिणाम को चुनौती दे सकते हैं।
-इशांत जसवाल, एसडीएम, कांगड़ा।
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