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    हिमाचल बिजली बोर्ड के पेंशनरों ने किया स्मार्ट मीटर का विरोध, पेंशनभोगियों की सब्सिडी बंद करने पर बिफरे

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 16 Mar 2026 12:46 PM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम ने स्मार्ट मीटर बदलने और सब्सिडी बंद करने पर सवाल उठाए हैं। पेंशनरों को अब 125 यूनिट मुफ्त बिजली और सब्सिडी नह ...और पढ़ें

    हिमाचल बिजली बोर्ड पेंशनरों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल बिजली बोर्ड पेंशनरों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. पेंशनरों ने स्मार्ट मीटर बदलने पर सवाल उठाए।

    2. सब्सिडी बंद होने से बिजली बिल बढ़े।

    3. लंबित बकाया भुगतान न होने पर विरोध की चेतावनी।

    संवाद सहयोगी, पालमपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम ने विद्युत मीटरों के परिवर्तन पर सवाल उठाए हैं। पेंशनरों ने यह जानना चाहा कि क्या विद्युत बोर्ड मौजूदा मीटरों से राजस्व उत्पन्न करने में असफल रहा है या मीटरों में दर्ज खपत का डाटा गलत है। उन्होंने कहा कि यदि कोई उपभोक्ता अपने बिल का भुगतान नहीं करता है तो टीडीसीओ की ओर से उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है और बकाया वसूला जाता है।

    बैजनाथ यूनिट के अध्यक्ष केसी कटोच की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर गहन चर्चा की गई। बैठक में जिला महासचिव विजय भंडारी भी उपस्थित रहे।

    प्रबंधन का पेंशनरों के मीटर बदलने का निर्देश

    यूनिट सचिव बलबीर सिंह राणा ने सभी पेंशनरों का स्वागत करते हुए भविष्य की बैठकों में भी इसी तरह सक्रिय रहने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि उत्तरी क्षेत्र के मुख्य अभियंता ने पेंशनभोगियों के मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने का निर्देश दिया है। पेंशनरों ने सवाल उठाया कि वे भी आम उपभोक्ता हैं और उन्हें बोर्ड की ओर से निर्धारित अलग श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए। 

    पेंशनभोगियों के लिए सब्सिडी बंद

    बैठक में यह भी चिंता व्यक्त की गई कि कई पेंशनभोगियों के लिए सब्सिडी बंद कर दी गई है और इस कारण उन्हें प्रति यूनिट 5.45 रुपये का बिल देना पड़ रहा है। इसके अलावा, सरकार की नीति के तहत 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा भी अब समाप्त कर दी गई है, जिसका पेंशनभोगियों ने विरोध किया है। 

    यदि बोर्ड सब्सिडी समाप्त करने का इरादा रखता है तो यह नियम सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों पर भी लागू होना चाहिए। 

    बकाया नहीं मिला

    विद्युत बोर्ड में 70 वर्ष से अधिक आयु के कई पेंशनभोगी हैं, जिन्हें बकाया भुगतान नहीं मिला है। आदेशों को जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया जा रहा है। 2016 और फरवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनभोगी अब भी ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट के भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 2023 में सेवानिवृत्त कई पेंशनभोगी भी आज तक बकाया राशि से वंचित हैं। उन्होंने बकाया राशि शीघ्र जारी करने की अपील की, अन्यथा सड़क पर उतरने की चेतावनी दी।

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    बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगत सिंह ने भी  विचार रखे। बैठक में किशोरी लाल, सुरिंदर अवस्थी, विनोद शर्मा, प्रकाश चंद, महताब सिंह, रोशन कश्यप, चिंत सिंह और बलदेव सिंह आदि शामिल रहे।

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