हिमाचल में स्कूली छात्र की बेरहमी से पिटाई, मेडिकल के बाद नूरपुर पुलिस थाना पहुंचे पेरेंट्स; दबाव बनाने का आरोप
हिमाचल प्रदेश के नूरपुर में एक निजी स्कूल में छात्र की बेरहमी से पिटाई का आरोप लगा है। परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में शिकायत ...और पढ़ें

नूरपुर के निजी स्कूल में छात्र की पिटाई के बाद थाने पहुंचे अभिभावक। जागरण
HighLights
नूरपुर निजी स्कूल में छात्र की बेरहमी से पिटाई का आरोप।
पीड़ित छात्र के परिजनों ने पुलिस थाने में विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संवाद सहयोगी, नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में जिला कांगड़ा के स्कूल में पिटाई से तंग आकर सुसाइड के बाद एक और विवादित मामला सामने आया है। उपमंडल नूरपुर के तहत एक निजी स्कूल में छात्र की निर्मम पिटाई का आरोप है। मामला अब पुलिस थाने पहुंच गया है। बुधवार को इस मामले के विरोध में पीड़ित छात्र के स्वजन व गांववासी पुलिस थाना नूरपुर पहुंचे और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
परिवार का आरोप है कि स्कूल के प्रिंसिपल ने छात्र को बेरहमी से पीटा है, जिसके चलते बच्चे को गंभीर शारीरिक और मानसिक पीड़ा हुई है। परिवार के अनुसार घटना के बाद 23 जून को बच्चे का सिविल अस्पताल नूरपुर में मेडिकल करवाया गया। जिसमें उसके शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं।
मामला दबाने का हो रहा प्रयास
उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन मामले को दबाने और रफा-दफा करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन वह किसी भी कीमत पर न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे। परिजनों ने स्पष्ट कहा कि यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में अन्य बच्चों के साथ भी ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
भय और प्रताड़ना क्यों
थाने पहुंचे ग्रामीणों ने भी स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने का कार्य होना चाहिए, न कि उन्हें भय और प्रताड़ना का शिकार बनाना।
अभिभावकों में रोष
घटना के बाद क्षेत्र में अभिभावकों के बीच भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता और दोषियों को कानून के दायरे में लाना आवश्यक है।
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क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
नूरपुर के एएसपी धर्मचंद वर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जो भी कानूनी कार्रवाई बनगी, उसे पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाया जाएगा।