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    हिमाचल प्रदेश में वीबी-जी राम जी योजना का घूमा पहिया, कांगड़ा में जिले में 11,619 विकास कार्य हुए आरंभ

    By Rajinder Dogra Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 25 Jul 2026 03:37 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में वीबी-जी राम जी योजना का पहिया घूमना शुरू हो गया है, जिसके तहत कांगड़ा जिले की 846 पंचायतों में 11,619 विकास कार्य चल रहे हैं। यह योज ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में वीबी जी राम जी योजना के तहत कार्य शुरू हो गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल प्रदेश में वीबी जी राम जी योजना के तहत कार्य शुरू हो गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. कांगड़ा में वीबी-जी राम जी योजना के 11,619 कार्य शुरू।

    2. योजना के तहत 125 दिनों का रोजगार मिलेगा।

    3. 1,05,823 महिला जॉब कार्ड धारकों को लाभ।

    संवाद सहयोगी, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में वीबी-जी राम जी योजना का पहिया घूमना शुरू हो गया है। कांगड़ा जिले के 18 विकास खंडों के तहत आती 846 पंचायतों में 11,619 कार्य योजना के तहत चल रहे हैं। इनमें वीबी जीरामजी योजना के तहत 942 नए कार्य जबकि 10,667 कार्य मनरेगा से स्थानांतरित हुए हैं। वीबी जीरामजी यानी विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) पहली जुलाई से लागू हुई है। 

    इसके तहत 125 दिनों का रोजगार मिलना है और योजना के तहत 318 तरह के कार्य होने हैं। इन कार्यों को चार भागों में बांटा गया है। इनमें वाटर सिक्योरिटी, कोर रुरल इंफास्ट्रक्चर, रुरल लाइवलीहुड और डिजास्टर शामिल हैं। योजना के तहत नए कार्य 221 प्रकार के शामिल है जबकि मरम्मत कार्य 97 प्रकार हैं।

    क्या कहते हैं अधिकारी

    उधर, ग्रामीण विकास विभाग के जिला विकास अधिकारी भानू प्रताप सिंह ठाकुर बताते हैं कि पहली जुलाई को लागू हुई वीबी जीरामजी योजना के तहत मौजूदा समय में 11,619 विभिन्न कार्य चल रहे हैं। इनमें 942 नए जबकि 10,667 कार्य मनरेगा के तहत स्थानांतरित हुए हैं।

    60 दिन नहीं होगा काम

    योजना की विशेषता यह है कि इसके तहत 125 दिन का रोजगार जॉब कार्ड धारक को मिलेगा। हालांकि योजना में वर्ष 60 दिन जिनमें 30 दिन रबी के और इतने ही दिन खरीफ के मौसम में काम नहीं होगा। यह फसल की बिजाई और कटाई का समय होता है। 

    कोर रुरल इंफास्ट्रक्चर के तहत होने वाले कार्य

    कोर रुरल इंफास्ट्रक्चर के तहत योजना में नए पंचायत घर, आंगनबाड़ी, मोक्ष धाम सहित अन्य कार्य किए जा सकेंगे, लेकिन इनमें दूसरी योजना के तहत कन्वर्जन शामिल होगा। 

    आधी आबादी होगी आत्मनिर्भर 

    योजना से आधी आबादी आत्मनिर्भर होगी। इसकी वजह यह है कि सुबह और सायं घर की रसोई संभालने वाली महिलाएं दिन के समय घर द्वार पर योजना के तहत दिहाड़ी लगा पाएंगी। जिले में 1,52,843 एक्टिव वर्करों में कुल 1,30,732 जाब कार्ड धारकों में से 1,05,823 जाब कार्ड धारक महिलाएं हैं।

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