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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kullu Dussehra 2023: देवी-देवताओं को नहीं मिल रहा बैठने का स्‍थान, कलाकेंद्र के बाद अब देवता पहुंचे DC के निवास

    By davinder thakurEdited By: Himani Sharma
    Updated: Fri, 27 Oct 2023 01:53 PM (GMT+05:30)

    Kullu Dussehra 2023 कुल्‍लू दशहरा में देवी-देवताओं को बैठने का स्‍थान नहीं मिल रहा है। धवार शाम को पहले देवता धूंबल नाम कलाकेंद्र में चल रही सांस्कृति ...और पढ़ें

    देवी-देवताओं को नहीं मिल रहा बैठने का स्‍थान
    देवी-देवताओं को नहीं मिल रहा बैठने का स्‍थान

    HighLights

    1. दशहरा उत्सव में आए देवताओं के टैंट उखाड़ने का लेकर हुए विवाद लगातार बढ़ रहा है।
    2. दशहरा उत्सव में पहुंचे डमचीण के देवता गौहरी का अस्थाई शिविर जिला प्रशासन ने हटा दिया था।
    3. देवता धूंबल नाग ने गुर के माध्यम से बताया कि दशहरा उत्सव तक देवता वीरनाथ गौहरी इसी स्थान पर बैठेंगे।

    जागरण संवाददाता, कुल्लू। Kullu Dussehra 2023: देव महाकुंभ देवी देवताओं की आस्था का केंद्र हैं देवताओं को अगर कोई बात पसंद नहीं आती है तो वह अपनी बात को रखने के लिए उस व्यक्ति तक जा पहुंचते हैं। जी हां ऐसा ही मामला दो दिनों से कुल्लू जिला में चल रहा अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में भी देखने को मिला।

    बुधवार शाम को पहले देवता धूंबल नाम कलाकेंद्र में चल रही सांस्कृतिक संध्या में अपनी बात रखने के लिए उपायुक्त से मिलने चले गए उसके बाद सुबह देवता वीरनाथ गौहरी उपायुक्त कुल्लू के निवास स्थान में जा पहुंचा।

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    देवता उनसे बात करने की जिद्द पर अड़ा रहा। लेकिन होमगार्ड ने देवता को आगे जाने नहीं दिया और उपायुक्त को इस बात की जानकारी दी। दशहरा उत्सव में आए देवताओं के टैंट उखाड़ने का लेकर हुए विवाद लगातार बढ़ रहा है। देवता धूंबल नाग ने गूर के माध्यम से कहा कि सभी देवता दशहरा तक अपने अपने अस्थाई शिविर में बैठे रहेंगे।

    अस्‍थाई शिविर जिला प्रशासन ने हटा दिया था

    दशहरा उत्सव में पहुंचे डमचीण के देवता गौहरी का अस्थाई शिविर जिला प्रशासन ने हटा दिया था। देवता धूंबल नाग ने देवता वीरनाथ और दराल के देवता हुरगू नारायण के अस्थाई शिविर के पास जगह को लेकर चले विवाद को लेकर सुलझाया।

    देवता धूंबल नाग ने गुर के माध्यम से बताया कि दशहरा उत्सव तक देवता वीरनाथ गौहरी इसी स्थान पर बैठेंगे। दशहरा उत्सव के बाद इसका समाधान किया जाएगा। यहां पर देवता के कारकूनों ने उपायुक्त को बताया कि वह पिछले तीन-चार सालों से दशहरा उत्सव में भाग लेने के लिए आ रहे हैं।

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    इस दौरान वह प्रदर्शनी मैदान में अपना अस्थाई शिविर लगाकर बैठते है। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा उनके अस्थाई शिविर को हटा दिया यह सरासर गलत है। मामला जब नहीं झुलझा तो देवता वीरनाथ गौहरी उपायुक्त के निवास स्थान जा पहुंचा। जहां से उपायुक्त ने मामले को सुलझाने के तुरंत आदेश जारी किए। उपायुक्त ने कहा कि दशहरा उत्सव के लिए जिन देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया है उन्हें बैठने के लिए उचित व्यवस्था की गई है।

    जलेब में बाधा बना रास्ता किया खुला

    दशहरा उत्सव के दूसरे दिन नृसिंह भगवान की जलेब निकलती है। इसमें जब जलेब रथ मैदान के पास पहुंची तो वहां पर तंबोला के लिए डोम बाधा बन रहा था। जब देवता ने रात को बताया तो उसके बाद तंबोला के डोम को छोटा किया गया और जलेब के लिए रास्ता बनाया गया।

    देवी-देवता के बीच राजनीति नहीं होनी चाहिए। राजनीति लोगों को चाहिए की वह इस तरह के मामले को सुलझाए न कि लोगों को इन मामलों में उलझाएं। देवता व जिला प्रशासन के बीच हुए विवाद को देवता धूंबल नाग ने सुलझाया है। -दोत राम ठाकुर, अध्यक्ष देवी-देवता कारदार संघ जिला कुल्लू।