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    हिमाचल के कुल्लू में भारी भूस्खलन, भरभराकर गिरा करोड़ों का भवन; पर्यटकों से खाली करवाया होटल

    By Davinder Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 09 Apr 2026 05:25 PM (IST)

    कुल्लू के बंदरोल में साफ मौसम के बावजूद भूस्खलन से एक रिहायशी भवन ढह गया। गनीमत रही कि भवन खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। पास के रिजेंटा होटल और ...और पढ़ें

    HighLights

    1. कुल्लू के बंदरोल में भूस्खलन से रिहायशी भवन ढहा।

    2. पास का होटल और नवोदय विद्यालय भी खतरे की जद में।

    3. प्रशासन ने एहतियातन रिजेंटा होटल को खाली करवाया।

    जागरण टीम, कुल्लू/पतलीकूहल। हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार अस्थिर बना हुआ है। हाल ही में हुई बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद वीरवार दोपहर मौसम साफ होने के बावजूद कुल्लू में एक रिहायशी भवन अचानक भूस्खलन की चपेट में आकर भरभराकर गिर गया। साथ लगता होटल और जवाहर नवोदय विद्यालय व अन्य भवन खतरे की जद में आ गए हैं। जिला मुख्यालय कुल्लू से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बंदरोल में यह घटना हुई।

    होटल व मकान खतरे में

    यह मकान राधे श्याम पुत्र टना राम का था। इस मकान में कुछ समय तक एक परिवार रहता था। घटना के बाद आसपास के मकानों और साथ लगते होटल पर भी खतरा मंडराने लगा है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।  

    भवन खाली करवाए

    यह घटना जवाहर नवोदय विद्यालय के पास पेश आई, जहां पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरा। गनीमत यह रही कि भवन खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। एहतियात के तौर पर प्रशासन की ओर से रिजेंटा होटल व अन्य भवनों को खाली करवा दिया है, होटल में पर्यटक ठहरे हुए थे। अन्य भवनों को भी खतरा बना हुआ है। 

    तब ढह गए थे आठ बहुमंजिला भवन

    लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है। जिले में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले 24 अगस्त 2023 को आनी बस अड्डे के समीप आठ बहुमंजिला भवन ढह गए थे। अब एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है।

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    मणिकर्ण घाटी में भी बढ़ी मुश्किलें

    मणिकर्ण घाटी में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। छह अप्रैल की रात बरशौणी मार्ग के घटीगढ़ क्षेत्र में भूस्खलन के चलते एक कार मलबे की चपेट में आ गई। इस मार्ग को पहले से ही अति संवेदनशील माना जाता है, जिससे यहां सफर करना जोखिम भरा हो गया है।

    मौसम खुला पर खतरा बरकरार

    औट-लुहरी-सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-305 भी लगातार बाधित हो रहा है। अप्रैल माह में ही तीन बार इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो चुकी है। स्थानीय लोग बरसात से पहले प्रशासन से स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं, ताकि संभावित बड़े हादसों को रोका जा सके।

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    कुल्लू के बंदरोल में भूस्खलन से मकान ढह गया है। इस मकान में कोई भी नहीं रह रहा था। साथ लगते एक होटल को भी खाली करवाया गया है। 
    -निशांत ठाकुर एसडीएम कुल्लू।

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