'हिमाचल सरकार का एरियर और डीए पर कर्मचारियों के साथ खुला भेदभाव', राज्य कर्मचारी महासंघ ने दे दी आंदोलन की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस पर कर्मचारियों को एरियर और डीए की घोषणा न होने से गहरा आक्रोश है। राज्य कर्मचारी महासंघ ने सरकार के इस रवैये की न ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
राज्यत्व दिवस पर एरियर-डीए की घोषणा न होने से रोष।
केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिला आंशिक एरियर लाभ।
कर्मचारी महासंघ ने सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी।
संवाद सहयोगी, सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस पर सरकार की ओर से कर्मचारियों के लिए एरियर और डीए की घोषणा नहीं होने पर कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि उम्मीद थी कि प्रदेश सरकार द्वारा परागपुर में आयोजित पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह के अवसर पर घोषणा की जाएगी।
इस ऐतिहासिक अवसर पर भी कर्मचारियों की उपेक्षा सरकार की असंवेदनशील कार्यप्रणाली को उजागर करती है। हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश ठाकुर ने सरकार के इस रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि 2016 से 2022 तक के बकाया एरियर के मामले में कर्मचारियों के साथ खुला भेदभाव किया गया है।
अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं
केवल क्लास-चार कर्मचारियों को ग्रेच्युटी के बकाया राशि का 50 प्रतिशत एरियर देने की घोषणा कर बाकी कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूरी तरह निराश किया है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
यह कर्मचारी-विरोधी मानसिकता
बढ़ती महंगाई के इस दौर में डीए और पूरा एरियर कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है। राज्यत्व दिवस पर भी कर्मचारियों को खाली हाथ लौटाना सरकार की कर्मचारी-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही 2016 से 2022 तक का पूरा एरियर सभी कर्मचारियों व सेवानिवृत्त कर्मियों को जारी नहीं किया गया और डीए पर कोई घोषणा नहीं हुई तो हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ प्रदेशभर में चरणबद्ध व उग्र आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।