हिमाचल में भारी बर्फबारी के बीच फंस गए 30 लोग, माइनस तापमान में मुश्किल में पड़ी जिंदगी; प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू अभियान
Himachal Pradesh Snowfall, हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के निहरी क्षेत्र के चौकी इलाके में भारी बर्फबारी के कारण 30 लोग फंस गए। दो ट्रकों के फिसलने से स ...और पढ़ें

मंडी के निहरी क्षेत्र में फंसे 30 लोगों को प्रशासन ने रेस्क्यू कर लिया है।
HighLights
मंडी के निहरी में 30 लोग बर्फबारी में फंसे।
PWD टीम ने 10 किमी बर्फ हटाकर बचाया।
फंसे लोगों को विश्राम गृह में ठहराया गया।
संवाद सहयोगी, सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी का दौर जारी है। मंडी जिले के निहरी क्षेत्र के तहत चौकी इलाके में भारी बर्फबारी के बीच 30 लोग फंस गए। दरअसल, दो ट्रकों के बर्फ में फिसलकर सड़क अवरुद्ध होने से ये लोग फंस गए। इनके लिए लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता साहिल वर्मा और उनकी टीम फरिश्ता बनकर आई।
निहरी के चौकी क्षेत्र में करीब तीन फीट बर्फ के बीच दो ट्रक अनियंत्रित होकर पहाड़ से टकरा गए। इस टक्कर के कारण सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। जिससे रामपुर, किन्नौर, मंडी और गोहर जाने वाले करीब 30 लोग कड़ाके की ठंड और बर्फ के बीच फंस गए।
शून्य से नीचे गिरते तापमान में मुश्किल में थी जिंदगी
शून्य से नीचे गिरते तापमान में इन लोगों के लिए जान बचाना मुश्किल हो रहा था। सूचना मिलते ही सहायक अधिशाषी अभियंता साहिल वर्मा ने टीम सहित मोर्चा संभाला। वह अपनी टीम और भारी मशीनों के साथ करीब 10 किलोमीटर तक बर्फ की मोटी चादर को हटाते हुए मौके पर पहुंचे।
विश्राम गृह में की ठहराने की व्यवस्था
कड़ी मशक्कत के बाद सड़क के बीचों-बीच फंसे ट्रकों को हटाया गया और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू किए लोगों को चौकी विश्राम गृह में ठहराने के साथ ही उनके लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई।
क्या कहते हैं एसडीओ
सहायक अभियंता साहिल वर्मा ने बताया कि हमारा प्राथमिक लक्ष्य लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना था। हिमपात चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम के जज्बे ने काम को आसान कर दिया। कनिष्ठ अभियंता अभय शर्मा भी मौके पर डटे रहे।
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राजस्व विभाग के कानूनगो 8 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे
वहीं इस रेस्क्यू आपरेशन में राजस्व विभाग के कानूनगो गंगा राम ने भी मिसाल पेश की। वह अपने क्षेत्र से करीब 8 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बचाव कार्यों में हाथ बंटाने के साथ-साथ लोगों का मनोबल भी बढ़ाया।