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    हिमाचल के इस सरकारी स्कूल में 1000 से ज्यादा पहुंची छात्रों की संख्या, प्राइवेट से 243 बच्चों ने लिया दाखिला

    By Pushap Raj Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 21 Apr 2026 11:00 AM (IST)

    हिमाचल के मंडी जिले के जोगेंद्रनगर स्थित पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ने 1051 छात्रों के साथ दाखिले का नया कीर्तिमान बनाया है। बेटियो ...और पढ़ें

    पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगेंद्रनगर का परिसर।

    पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगेंद्रनगर का परिसर।

    HighLights

    1. जोगेंद्रनगर सरकारी स्कूल में 1051 छात्रों का रिकॉर्ड दाखिला

    2. 241 छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूल में आए

    3. सीबीएसई पाठ्यक्रम ने सरकारी स्कूल की लोकप्रियता बढ़ाई

    कैलाश चंद, जोगेंद्रनगर (मंडी)। कहते हैं यदि इरादे नेक हों और सुविधाएं आधुनिक, तो सरकारी संस्थान भी सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगेंद्रनगर ने इस कहावत को हकीकत में बदल दिया है। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए सीबीएसई पाठ्यक्रम ने शिक्षा क्षेत्र में ऐसी क्रांति लाई है कि पहली बार किसी सरकारी स्कूल ने दाखिलों के मामले में जिलेभर में 1051 विद्यार्थियों के साथ कीर्तिमान स्थापित किया है।

    निजी स्कूलों से सरकारी की ओर कदम

    आज के दौर में जहां लोग भारी-भरकम फीस देकर निजी स्कूलों का रुख करते हैं, वहीं जोगेंद्रनगर स्कूल ने इस धारणा को उलट दिया है। इस सत्र में 241 छात्र निजी स्कूलों को छोड़कर इस सरकारी पाठशाला की दहलीज पर पहुंचे हैं। 

    सरकारी स्कूलों से भी पहुंचे बच्चे

    इसके अतिरिक्त 134 छात्र अन्य सरकारी स्कूलों से यहां आए हैं। यह आंकड़ा न केवल प्रधानाचार्य और स्टाफ की मेहनत को दर्शाता है, बल्कि सरकारी शिक्षा प्रणाली पर अभिभावकों की घर वापसी का भी प्रतीक है।

    स्कूल के आंकड़ों पर नजर डालें तो शिक्षा की इस मशाल को बेटियां बखूबी आगे बढ़ा रही हैं। जमा एक (मेडिकल) में जहां 33 छात्राओं ने प्रवेश लिया है, वहीं आर्ट्स और अन्य संकायों में भी उनकी संख्या अग्रणी है। स्कूल की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां दिव्यांग छात्रों के लिए भी विशेष स्थान है। आठवीं, दसवीं और बारहवीं में दाखिला लेने वाले तीन विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को स्कूल प्रशासन ने हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।

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    कक्षावार विद्यार्थियों की संख्या

    बालवाटिका प्रथम में 11 छात्र और 6 छात्राएं हैं, जबकि बालवाटिका द्वितीय में 9 छात्र और 8 छात्राएं तथा बालवाटिका तृतीय में 7 छात्र और 8 छात्राओं ने प्रवेश लिया है। प्राथमिक अनुभाग की बात करें तो कक्षा पहली में 12 छात्र और 21 छात्राएं, दूसरी में 5 छात्र और 13 छात्राएं, तीसरी में 5 छात्र और 6 छात्राएं, चौथी में 14 छात्र और 16 छात्राएं तथा पांचवीं कक्षा में 14 छात्र और 12 छात्राएं नामांकित हैं। 

    उच्च प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में, छठी कक्षा में 42 छात्र और 38 छात्राएं, सातवीं में 32 छात्र और 46 छात्राएं, आठवीं में 40 छात्र और 42 छात्राएं, नौवीं में 60 छात्र और 60 छात्राएं तथा दसवीं कक्षा में 40 छात्र और 56 छात्राएं पढ़ रही हैं।

    जमा एक व दो में क्या है स्थिति

    उच्च माध्यमिक स्तर पर, जमा एक (11वीं) के आर्ट्स संकाय में 36 छात्र और 44 छात्राएं, कॉमर्स में 29 छात्र और 11 छात्राएं, मेडिकल में 7 छात्र और 33 छात्राएं तथा नान-मेडिकल में 26 छात्र और 14 छात्राएं हैं। अंत में, जमा दो (12वीं) के आर्ट्स में 52 छात्र और 77 छात्राएं, कॉमर्स में 17 छात्र, मेडिकल में 5 छात्र और 34 छात्राएं तथा नॉन-मेडिकल संकाय में 20 छात्र और 13 छात्राओं ने प्रवेश लिया है।

    हमारा लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि सीबीएसई के उच्च मानकों के साथ बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। जिस तरह से अभिभावकों ने हम पर भरोसा दिखाया है, वह हमारे पूरे स्टाफ के लिए गर्व और जिम्मेदारी का विषय है।
    -मनोज चौहान, प्रधानाचार्य, पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, जोगेंद्रनगर।

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