मनाली हाईवे पर सुगम होगा सफर: झलोगी सुरंग की लंबाई बढ़ेगी, दयोड में बन रही टनल का काम हुआ पूरा
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर क्षतिग्रस्त झलोगी सुरंग की लंबाई बढ़ाई जाएगी और इसका पोर्टल नए सिरे से बनेगा। दयोड में ढाई-ढाई किलोमीटर लंबी दोनों सुरंगों का ...और पढ़ें

मनाली हाईवे पर झलोगी टनल की लंबाई बढ़ाई जाएगी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
झलोगी सुरंग की लंबाई बढ़ेगी, पोर्टल नए सिरे से बनेगा।
दयोड में ढाई-ढाई किलोमीटर लंबी दोनों सुरंगें पूरी।
दवाड़ा फ्लाईओवर की मरम्मत के लिए 5.22 करोड़ स्वीकृत।
जागरण संवाददाता, मंडी। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हुई झलोगी सुरंग की लंबाई बढ़ेगी। पोर्टल का नए सिरे से दूसरी जगह निर्माण होगा। ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञ ने अपनी रिपोर्ट भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) को सौंप दी है। विशेषज्ञ ने कुछ माह पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर सुरंग का निरीक्षण किया था।
भूस्खलन से पोर्टल हुआ है क्षतिग्रस्त
पहाड़ से हुए भूस्खलन के कारण सुरंग का पोर्टल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरंग को अंदर कितना नुकसान पहुंचा है। इसका एक वर्ष बाद भी पता नहीं चल पाया है। वर्तमान में जहां पोर्टल बना है, वह जगह पूरी तरह से असुरक्षित है। इसे देखते हुए विशेषज्ञ ने सुरंग की लंबाई बढ़ा पोर्टल दूसरे स्थान पर बनाने का सुझाव दिया था। रिपोर्ट मिलने के बाद सुरंग का निर्माण करने वाली कंस्व्ट्रक्शन कंपनी ने डिजाइन व आकलन पर काम शुरू कर दिया है।
दयोड में बन रही दोनों सुरंगों का काम पूरा
पंडोह कैंचीमोड़ के साथ लगते दयोड में बन रही ढाई-ढाई किलोमीटर लंबी दोनों सुरंगों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसके साथ लगती हणोगी की सुरंगों का मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। करीब 45 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। मरम्मत कार्य पूरा होते ही दयोड व हणोगी की एक-एक सुरंग को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
हणोगी की सुरंगों में भूस्खलन व भूधंसाव के कारण समस्या आ गई थी। इन सुरंगों के शुरु होने से लोगों को जाम से अलावा पुराने चंडीगढ़ मनाली मार्ग से भी निजात मिलेगी।
5.22 करोड़ से होगी दवाड़ा फ्लाईओवर की मरम्मत
एनएचएआइ मुख्यालय ने दवाड़ा फ्लाईओवर की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत कर दिया है। करीब 5.22 रुपये की लागत से मरम्मत कार्य होगा। फ्लाईओवर का बड़ा भाग पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण गत वर्ष क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई थी। साथ लगती पहाड़ी को मजबूत करने का काम चल रहा है।
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ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञ ने झलोगी सुरंग को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सुरंग की लंबाई बढ़ाने को कहा गया है। संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इसके डिजाइन पर काम शुरू कर दिया है।
-वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ, मंडी।
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