PWD ने बिना भूमि अधिग्रहण व सहमति के शुरू कर दिया सड़क निर्माण, मंडी कोर्ट ने लगाई काम पर रोक
मंडी अदालत ने विवादित भूमि पर सड़क निर्माण पर रोक लगा दी है। यह आदेश भूमि अधिग्रहण और सहमति के बिना काम शुरू करने के आरोप के बाद आया है, और मुख्य मुकद ...और पढ़ें

मंडी कोर्ट ने सड़क निर्माण पर रोक लगाने का आदेश दिया। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मंडी अदालत ने विवादित भूमि पर सड़क निर्माण रोका।
भूमि अधिग्रहण और सहमति के बिना काम शुरू किया गया था।
अदालत का अंतरिम आदेश मुख्य मुकदमे तक प्रभावी रहेगा।
जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश में मंडी की अदालत ने विवादित भूमि पर सड़क निर्माण करने पर रोक लगा दी है। सीनियर सिविल मंडी की अदालत ने आवेदक जगदीश कुमार की अर्जी पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों व ठेकेदार को किसी भी प्रकार के सड़क निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। अदालत का यह अंतरिम आदेश मुख्य दीवानी मुकदमे (सिविल सूट) के निपटारे तक प्रभावी रहेगा।
बिना भूमि अधिग्रहण व सहमति बिना कर दिया काम शुरू
सदर तहसील के मुहाल गड्डल निवासी जगदीश कुमार पुत्र स्व. पारस राम ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि राज्य सड़क परियोजना और ठेकेदार द्वारा बिना भूमि अधिग्रहण और बिना सहमति के उनकी स्वामित्व वाली भूमि (खसरा नंबर 648/407) पर सड़क का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
आवेदक व विभाग का क्या है तर्क
आवेदक का कहना था कि भूमि मूल रूप से उनके दिवंगत पिता के नाम दर्ज है और वह ही इसके एकमात्र कानूनी वारिस हैं। दूसरी ओर, विभाग ने अपने जवाब में कहा था कि सड़क निर्माण लोक निर्माण विभाग की अपनी भूमि पर किया जा रहा है और किसी निजी संपत्ति पर कब्जा नहीं किया गया है।
अदालत ने माना मामला आवेदक के पक्ष में
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि पहली नज़र में मामला आवेदक के पक्ष में बनता है और यदि निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो आवेदक को अपूर्णीय क्षति होगी। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि संपत्ति की स्थिति को बनाए रखना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी जटिलता से बचा जा सके।
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अदालत ने निर्देश दिया कि मुख्य मुकदमे के अंतिम फैसले तक प्रतिवादी विवादित ज़मीन पर कोई निर्माण नहीं करेंगे।
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