मंडी में विजिलेंस टीम की कार्रवाई, रिश्वत लेते तीन राजस्व कर्मियों को किया गिरफ्तार
मंडी के चच्योट तहसील के कोहलू पटवार सर्कल में विजिलेंस ने एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पटवारी, कानूनगो और पटवार सहायक को गिरफ्तार किया। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
विजिलेंस ने पटवारी, कानूनगो, पटवार सहायक को रिश्वत लेते पकड़ा।
जमीन इंतकाल के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत ली।
कानूनगो सेवानिवृत्ति से 8 दिन पहले गिरफ्तार हुआ।
जागरण संवाददाता, मंडी। तहसील चच्योट के अंतर्गत पटवार सर्कल कोहलू में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विजिलेंस टीम ने वीरवार को शिकायत के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपए की रिश्वत राशि के साथ पटवारी, कानूनगो और पटवार सहायक को मौके से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब आरोपी एक जमीन के इंतकाल के बदले शिकायतकर्ता से दो लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे थे।
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को बताया कि राजस्व कर्मियों ने जमीन के इंतकाल की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उनसे दो लाख रुपए की डिमांड की थी। इतनी बड़ी राशि एक साथ न दे पाने पर पटवार सहायक, जो इस डील का माध्यम बना था, ने आधी रकम पहले और आधी काम पूरा होने पर देने की शर्त रखी।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने तुरंत विजिलेंस को इसकी सूचना दी। विजिलेंस टीम ने शिकायत की सत्यता की जांच के बाद जाल बिछाया और पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपए लेते ही तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हल्का पटवारी, सर्कल कानूनगो और पटवार सहायक शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सर्कल कानूनगो 31 जुलाई को अपने पद से सेवानिवृत होने वाला था, यानी उसकी रिटायरमेंट से मात्र 8 दिन पहले ही वह रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़ा गया।
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, यह उपमंडल में भ्रष्टाचार का पहला ऐसा मामला है, जहां जमीन से जुड़े काम के लिए एक साथ तीनों स्तरों कानूनगो, पटवारी, सहायक कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। संभवतः राज्य में भी यह अपने आप में एक अनोखा मामला है।
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डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्व विभाग के कार्यालय में तैनात इन तीनों कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, "हमें शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की गई।
आरोपियों से पूछताछ जारी है और उन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।" गुप्ता ने आगे बताया कि जांच के दौरान और भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि यह गिरोह पहले भी इस तरह की वसूली कर चुका हो सकता है।
इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई से अन्य विभागों में भी खौफ का माहौल बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।