हिमाचल में स्नातक परीक्षाओं की डेटशीट बदली, डिजिलॉकर के माध्यम से जारी शैक्षणिक दस्तावेजों को मंजूरी
सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी ने डिजिलॉकर से जारी शैक्षणिक दस्तावेजों को मान्यता दी है। साथ ही, स्नातक वार्षिक परीक्षाओं की डेटशीट में संशोधन किया गया ...और पढ़ें

मंडी स्थित सरदार पटेल यूनवर्सिटी का परिसर।
HighLights
डिजिलॉकर से जारी शैक्षणिक दस्तावेज अब मान्य होंगे।
स्नातक वार्षिक परीक्षाओं की डेटशीट में संशोधन किया गया।
पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाया जाएगा।
संवाद सहयोगी, मंडी। हिमाचल प्रदेश के सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी ने छात्रों की सुविधा और प्रशासनिक पारदर्शिता को ध्यान में रखते अब डिजिलॉकर के माध्यम से जारी शैक्षणिक दस्तावेजों को भी अधिकारिक मंजूरी दे दी है। साथ ही विश्वविद्यालय के परीक्षा एवं संचालन विभाग ने स्नातक वार्षिक परीक्षाओं की डेटशीट में संशोधन किया है।
परीक्षा तिथियों में किए गए बदलावों के तहत, बीए, बीएससी और बीकाम प्रथम वर्ष के हिंदी और अंग्रेजी विषयों की परीक्षा जो पहले 13 अप्रैल को होनी थी, अब 13 मई को दोपहर दो से पांच बजे के सत्र में आयोजित की जाएगी।
इसी प्रकार, बीएससी द्वितीय वर्ष के रसायन विज्ञान विषय की परीक्षा अब 11 अप्रैल के स्थान पर 14 मई को होगी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि अन्य सभी परीक्षाओं का शेड्यूल अपरिवर्तित रहेगा।
एप के माध्यम से सत्यापित होंगे दस्तावेज
विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 से पंजीकरण कार्यों के लिए डिजिलाकर पर उपलब्ध डिग्री, मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों को वैध मानने का निर्णय लिया है। छात्र अब इन डिजिटल दस्तावेजों को जमा कर सकते हैं, जिन्हें कालेज आधिकारिक ऐप के माध्यम से सत्यापित करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आगामी सत्र 2026-27 से सभी संस्थानों को इन डिजिटल दस्तावेजों को स्वीकार करने का निर्देश दिया है ताकि पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाया जा सके।
दस्तावेज स्वीकार करने का निर्देश
वहीं कालेजों को निर्देश दिया गया है कि वे इन दस्तावेजों को स्वीकार करें, हालांकि उन्हें आधिकारिक एप के माध्यम से इनका सत्यापन करना अनिवार्य होगा। एचपी बोर्ड और सीबीएसई की ओर से आनलाइन जारी माइग्रेशन सर्टिफिकेट अब मान्य होंगे, हालांकि छात्र चाहें तो पुरानी व्यवस्था के तहत हार्ड कापी भी जमा कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए डिजिलाकर को अपनाना कागज रहित शासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। परीक्षा तिथियों में परिवर्तन छात्रों की सुविधा और बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से किया गया है।
-प्रो. ललित अवस्थी, कुलपति, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी।
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