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कफ सिरप व सिरदर्द सहित 157 दवाओं के सैंपल फेल, हिमाचल में बनीं 43 मेडिसिन भी मानकों पर नहीं उतरी खरी

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 23 Jun 2026 11:35 AM (IST)

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की मई की ड्रग अलर्ट रिपोर्ट में देशभर में 157 दवाओं के सैंपल फेल ...और पढ़ें

दवाओं के 157 सैंपल फेल हुए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

दवाओं के 157 सैंपल फेल हुए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. CDSCO की मई रिपोर्ट में 157 दवाओं के सैंपल फेल।

  2. हिमाचल प्रदेश की सर्वाधिक 43 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर नहीं उतरीं।

  3. कफ सिरप, सिरदर्द की दवाएं और लोशन भी शामिल हैं।

जागरण संवाददाता, सोलन। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की ओर से मई के जारी ड्रग अलर्ट में देशभर में बनी 157 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। राहत की बात है कि इस बार राज्यों में सैंपल फेल होने की दर घटी है। इनमें कफ सिरप, सिरदर्द, सर्दी-जुकाम, दिल के रोगों की दवा के अलावा कुछ लोशन, साबुन, सैनेटाइजर आदि के सैंपल फेल हुए हैं। आयरन व विटामिन की गोलियां, जेल, फालिक एसिड भी शामिल हैं।

हिमाचल की सबसे ज्यादा दवाएं शामिल

ड्रग अलर्ट में 20 इंजेक्शन और 11 अलग-अलग उद्योगों में निर्मित कफ सिरप के सैंपल भी फेल पाए गए हैं। इनमें हिमाचल की 43, उत्तराखंड की 27, गुजरात की 25, मध्य प्रदेश की 10, राजस्थान की सात, हरियाणा की छह, उत्तर प्रदेश, सिक्किम व तमिलनाडु की पांच-पांच, कर्नाटक व आंध्र प्रदेश की चार-चार, महाराष्ट्र व केरल की तीन-तीन, पुडुचेरी, दिल्ली, तेलंगाना और पंजाब की दो दवाएं शामिल हैं। दो दवाओं का प्राधिकरण की तरफ से उद्योग का नाम-पता अंकित नहीं किया गया है। 

इन प्रमुख दवाओं के सैंपल फेल 

बेंगलुरु के दवा उद्योग में निर्मित बैक्टीरिया से फेफड़ों, गले, कान, साइनस, त्वचा, मूत्र मार्ग और दांतों के संक्रमणों में इस्तेमाल होने वाली अमोक्सीसिलिन और पोटेशियम क्लैवुलनेट दवा (बैच नंबर 825डी167), हरिद्वार के हेल्थकेयर उद्योग में फंगस के कारण शरीर में होने वाले संक्रमण के बने इट्राकोनाजोल कैप्सूल (बैच नंबर एचसी-2507123), मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित उद्योग में निर्मित उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में उपयोगी एम्लोडिपिन टेबलेट आइपी पांच मिलीग्राम दवा (बैच नंबर जीएबी36), गुजरात के फार्मा उद्योग में निर्मित पेट में अत्यधिक एसिड को कम करने, एसिडिटी, सीने की जलन, गेस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज और पेप्टिक अल्सर की दवा एसोमेप्राजोल (बैच नंबर वीजीटी230127) और उत्तराखंड के उद्योग में शरीर में बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण (विशेषकर मूत्र मार्ग और पेट के इंफेक्शन) की दवा नारफ्लोक्स 400 एंटीबायोटिक दवा (बैच नंबर आरटी-250413) मानकों पर खरी नहीं उतरीं। 

दवा उत्पादन के दौरान सख्ती को और अधिक बढ़ाया गया है और गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। दवा सैंपल फेल के आंकड़े कम करने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि जो भी दवाएं फेल पाई जाती हैं, उनकी सारी जानकारी पब्लिक प्लेटफार्म पर सार्वजनिक की जाती है, लोग उसे जरूर देखें।
-डा. मनीष कपूर, राज्य दवा नियंत्रक हिमाचल प्रदेश।


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