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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal Assembly By Election: कांग्रेस ने तीन विधानसभा सीटों पर उतारे उम्‍मीदवार, इन प्रत्‍याशियों को मिला मौका

    Updated: Fri, 26 Apr 2024 08:18 PM (IST)

    Himachal Assembly By Election हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने तीन विधानसभा सीटों पर अपने उम्‍मीदवारों की घोषणा की है। कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन ...और पढ़ें

    कांग्रेस ने तीन विधानसभा सीटों पर उतारे उम्‍मीदवार
    कांग्रेस ने तीन विधानसभा सीटों पर उतारे उम्‍मीदवार

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल में 1 जून को 6 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से कैप्टन रंजीत सिंह राणा को चुनावी मैदान में उतर गया है। राणा ने पिछला चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था और उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी राजेन्द्र राणा को कड़ी टक्कर दी थी। इस बार राणा भाजपा से चुनावी मैदान में है तो रंजीत कांग्रेस से।

    कांग्रेस में शामिल हुए राकेश कालिया को मिला टिकट

    इसी तरह भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए राकेश कालिया को गगरेट विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतारा गया है। राकेश कालिया पहले कांग्रेस में ही थे। वे कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव रह चुके हैं। बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।

    कुछ दिन पहले ही उनकी दोबारा कांग्रेस में वापसी हुई है। इसी तरह कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र से विवेक शर्मा को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतर गया है। कांग्रेस पार्टी ने देर शाम टिकटों का ऐलान कर दिया है। अभी लोकसभा की दो सीटों विधानसभा की तीन और सीटों पर टिकट ऐलान होना बाकी है।

    तीन सीटों पर मंथन जारी

    कांग्रेस पार्टी ने उपचुनाव के लिए तीन सीटों पर अभी टिकटों का ऐलान नहीं किया है इनमें धर्मशाला, बड़सर और लाहौल स्पीति शामिल है। यहां पर टिकटो को अभी भी होल्ड किया गया है। यहां पर किस प्रत्याशी बनाया जाए इसको लेकर मंथन चला हुआ है।

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    इन छह सीटों पर थे कांग्रेस के विधायक

    इन सभी 6 विधानसभा सीटों पर पहले कांग्रेस के विधायक थे। धर्मशाला से सुधीर शर्मा, सुजानपुर से राजेंद्र राणा, लाहौल स्पीति से रवि ठाकुर, बड़सर से इंद्रदत्त लखनपाल, कुटलैहड़ से देवेंद्र कुमार भुट्टो और गगरेट से चैतन्य शर्मा ने राज्यसभा चुनाव में बगावत कर क्रॉस वोट किया था। जिससे कांग्रेस कैंडिडेट अभिषेक मनु सिंघवी हार गए थे।

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    विधानसभा के बजट सत्र में व्हिप की उलंघना करने पर सभी 6 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्य करार दिया था। इसके बाद कांग्रेस के बागी पूर्व विधायक 23 मार्च को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी में शामिल हो गए थे। भाजपा ने सभी 6 बागियों को उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।

    35 साल से कांग्रेस में हैं विवेक शर्मा

    हिमाचल कांग्रेस के महासचिव विवेक शर्मा 35 साल से कांग्रेस में हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी इन्हें माना जाता है। कुटलैहड़ विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में टिकट को लेकर पार्टी ने जो सर्वे करवाया है, उसमें विवेक शर्मा का नाम सबसे आगे रहा था।

    विवेक शर्मा ने पिछले दिनों कहा था कि पार्टी हाईकमान को देखना होगा कि कौन सच्चा सिपाही है। मैंने 35 साल बिना किसी स्वार्थ कांग्रेस की सेवा की। 2022 के विधानसभा चुनाव में मैंने कुटलैहड़ सीट से पार्टी का टिकट पाने वाले देवेंद्र भुट्टो का पूरा समर्थन किया, लेकिन भुट्टो ने अपने स्वार्थ के लिए पार्टी को धोखा देके दिया है।

    बदली चुनावी चुनरी, मिल गया टिकट

    राकेश कालिया कांग्रेस से 3 बार विधायक रह चुके हैं। पिछले चुनाव में टिकट कटने पर भाजपा में शामिल हो गए थे। वह 2 बार चिंतपूर्णी और एक बार गगरेट विधानसभा सीट से जीते हैं। वीरभद्र सरकार में वह मुख्य संसदीय सचिव भी रह चुके हैं। इसके अलावा कालिया कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और मध्यप्रदेश में कांग्रेस के सह प्रभारी भी रह चुके हैं।

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    कांग्रेस के फायर ब्रांड नेताओं में पहले उनकी गिनती होती थी। 2022 में हुए हिमाचल विधानसभा चुनाव में गगरेट से कांग्रेस ने कालिया की जगह चैतन्य शर्मा को टिकट दे दिया था, जिसके बाद कालिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। 17 अप्रैल को चैतन्य शर्मा के भाजपा में जाने के बाद इन्होंने भी चुनावी चुनरी बदली। राकेश कालिया ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया ओर कांग्रेस में शामिल हो गए।

    गजब की मैनेजमेंट, 3 दिन पहले जॉइनिंग और तत्काल टिकट

    2022 के चुनाव में राजेंद्र राणा से 339 वोटों से हारे से कैप्टन रणजीत राणा को टिकट दी गई है। वह 3 दिन पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उनकी गजब की मैनेजमेंट देखने को मिली है तीन तीनों के भीतर ही होने टिकट देकर प्रत्याशी बनाया गया है। 2022 के चुनाव में राणा मात्र 399 मतों के अंतर से हारे थे।