Himachal Rain: हिमाचल में आफत की बारिश, तीन एनएच सहित 400 से ज्यादा सड़कें बंद; चंबा में बादल फटा, 5 जिलों में हालात खराब
Heavy Rainfall in Himachal हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चंबा में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है मंडी सोलन और कांगड़ा म ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, शिमला। Heavy Rainfall in Himachal, हिमाचल प्रदेश में हो रही वर्षा से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। शनिवार देर रात से रविवार को सोलन, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा व चंबा में भारी वर्षा हुई है। इस कारण यहां हालात खराब हैं। चंबा के डलहौजी क्षेत्र में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। जिला मंडी के पंडोह, सोलन के कसौली व चंबा के जोत में 100 मिलीमीटर से ज्यादा वर्षा हुई है।
प्रदेश में भारी बारिश व भूस्खलन के कारण तीन हाईवे चंबा-भरमौर, मंडी में एनएच-03 और कुल्लू में एनएच 305 बंद हैं। इसके अलावा 400 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। मंडी में 220, कुल्लू में 101, चंबा, में 24, कांगड़ा में 21 और ऊना में 12 सड़कें बंद हैं।
208 बिजली ट्रांसफार्मर व 51 पेयजल योजनाएं बाधित
208 ट्रांसफार्मर के खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित है और 51 पेयजल योजनाओं के बंद होने के कारण बिजली की आपूर्ति प्रभावित है। प्रदेश में जगह-जगह पर जलभराव की स्थिति है। फसलों को नुकसान हो रहा है।
27 अगस्त तक कड़े तेवर दिखाएगा मौसम
मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार रविवार व सोमवार को शिमला व सिरमौर में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में मानसून के सक्रिय रहने का पूर्वानुमान है। 27 अगस्त तक प्रदेश के कई स्थानों पर भारी वर्षा का क्रम जारी रहेगा।
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भारी बारिश से किसानों व बागबानों को नुकसान
प्रदेश में लगातार जारी वर्षा अब किसानों बागवानों के लिए राहत नहीं, बल्कि आफत बन कर बरस रही है। सेब के साथ साथ मक्की और दूसरी अन्य फसलों के लिए यह वर्षा नुकसानदायक साबित हो रही है। ज्यादा वर्षा से सेब का रंग काला पड़ रहा है। वहीं, ज्यादा वर्षा होने से मक्की की फसल बर्बाद हो रही है। मक्की के पत्ते पीले पड़ रहे हैं।
प्रदेश में कहां कितनी वर्षा
- स्थान वर्षा मिलीमीटर में
- पंडोह 123
- कसौली 105
- जोत 104.6
- मंडी 68
- करसोग 68
- नादैान 52.8
- धर्मपुर 44.6
- भटियात 40.6
बरसात के दौरान अभी तक 2347 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में 20 जून से लेकर अभी तक 2347 करोड़ के नुकसान का आकलन किया जा चुका है। अभी तक 152 लोगों की बादल फटने, भूस्खलन व अन्य कारणों से मौत हो चुकी है। प्रदेश में 675 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और 2366 मकानों 391 दुकानों और 2728 गौशालाओं को नुकसान हुआ है। मानसून में अब तक प्रदेश में बादल फटने की 40 घटनाएं घट चुकी हैं। बाढ़ की 75 और भूस्खलन की 74 घटनाएं हुई हैं।