Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र अगस्त में, डिप्टी स्पीकर सहित मंत्री पद पर भी फैसला संभव; कौने मुद्दे उठेंगे?

    By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 12 Jul 2026 11:05 AM (IST)

    हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र अगस्त में संभावित है, जिसमें डिप्टी स्पीकर और रिक्त मंत्री पद पर निर्णय लिया जाएगा। इस सत्र में मानसून से हुए नुकसान, र ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र अगस्त में होगा। जागरण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र अगस्त में होगा। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. मानसून सत्र अगस्त के दूसरे या तीसरे सप्ताह में शुरू।

    2. नए डिप्टी स्पीकर व रिक्त मंत्री पद पर फैसला।

    3. मानसून नुकसान, आर्थिक मुद्दों पर सत्ता-विपक्ष में तकरार।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार अगस्त के दूसरे या तीसरे सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। स्वतंत्रता दिवस के बाद यानी 17 या 24 अगस्त से सत्र शुरू हो सकता है। सत्र की अंतिम तारीखों को लेकर 20 जुलाई को होने वाली मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में अंतिम फैसला लिया जा सकता है। पिछली बार की तरह इस बार भी सत्र की अवधि लंबी खिंचने की संभावना है।

    लंबा खिंच सकता है सत्र

    माना जा रहा है कि इस आर भी 10 से 12 बैठकें हो सकती हैं, जिसमें से 2 दिन गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए आरक्षित रखे जा सकते हैं। गौरतलब है कि पिछला मानसून सत्र 18 अगस्त से 2 सितंबर तक चला था, जिसमें कुल 12 बैठकें आयोजित की गई थीं।

    विधानसभा को मिलेगा नया उपाध्यक्ष, खाली मंत्री पद पर भी सस्पेंस

    इस मानसून सत्र का एक बड़ा आकर्षण रिक्त पड़े एक मंत्री पद व नए विधानसभा उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) का चयन भी होगा। विनय कुमार के हिमाचल प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनने के बाद से यह कुर्सी खाली है। मंत्री पद व डिप्टी स्पीकर के पद के लिए कांग्रेस हाईकमान के फैसले के बाद संजय रत्न, आशीष बुटेल और सुंदर ठाकुर के नामों में से किसी एक पर मुहर लग सकती है।

    वर्षा से नुकसान और सियासी मुद्दों पर तकरार तय

    इस बार के सत्र में मानसून की बारिश से हुए नुकसान और राज्य के ताजा राजनीतिक घटनाक्रमों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे को घेरने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। सरकार इस बार केंद्र से मिलने वाले 1,500 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज में हो रही देरी के मुद्दे को जोर-शोर से उठा सकती है, जिसका वादा पिछली प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रधानमंत्री की तरफ से किया गया था। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में भाजपा बरसात से हुए नुकसान की भरपाई, राज्य की कानून व्यवस्था, प्रदेश के बिगड़ते आर्थिक हालात और मनरेगा के तहत शुरू की गई वीबी जी राम जी योजना जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है। 

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: हिमाचल की जेलों में अब पुस्तकें कम करेंगी कैदियों की सजा, पुलिस के कारागार विभाग ने खरीदीं 435 किताबें