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    Himachal News: नेगी के बयान पर घमासान, जयराम बोले- सदन में बकवास नहीं सुन सकता, विपक्ष करेगा राजस्व मंत्री का बहिष्कार

    Updated: Tue, 19 Aug 2025 06:51 PM (IST)

    Himachal Pradesh News हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन जगत सिंह नेगी और जयराम ठाकुर के बीच तीखी नोकझोंक हुई जिसके कारण भाजपा सदस्यो ...और पढ़ें

    सदन में पक्ष-विपक्ष में नोकझोंक के बाद सदन से बाहर आते भाजपा सदस्य। जागरण
    सदन में पक्ष-विपक्ष में नोकझोंक के बाद सदन से बाहर आते भाजपा सदस्य। जागरण

    HighLights

    1. नेगी और ठाकुर के बीच तीखी नोकझोंक |
    2. भाजपा सदस्यों का विधानसभा से वॉकआउट |
    3. हिम केयर योजना पर विपक्ष का असंतोष |

    राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh News, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरे दिन सदन में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। पहले प्रश्नकाल के दौरान नोकझोंक हुई तो उसके बाद शून्य काल शुरू होने से पहले गहमागहमी हुई। हंगामे के बीच विपक्षी सदस्य तीन बार सदन से बाहर गए। एक बार विपक्ष के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही को 5 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।

    नेगी के बयान पर घमासान

    मंत्री जगत सिंह नेगी की सराज में आई आपदा के दौरान दिए गए बयान पर सदन में खूब हंगामा हुआ और नौबत वाॅकआउट तक आ गई। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने सदन में कहा कि आपदा के समय राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मजाकिया और अमर्यादित टिप्पणियां कीं, जिससे पीड़ितों की भावनाएं आहत हुईं।

    जयराम बोले, सदन में मंत्री की बकवास नहीं सुन सकता

    भाजपा विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए वाॅकआउट कर दिया। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष सदन में मंत्री की बकवास नहीं सुन सकता, इसलिए सदन से वाॅकआउट किया है।

    जगत सिंह नेगी का बहिष्कार करेगा विपक्ष : रणधीर शर्मा

    वहीं, भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि मंत्री को आपदा के इस समय इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। ऐसे में विपक्ष ने फैसला लिया है कि भाजपा अब मंत्री जगत सिंह नेगी से कोई सवाल नहीं पूछेंगे और जब बोलेंगे तो न हीं उन्हें सुनेंगे, विपक्ष सदन से बाहर आ जाएंगे। ये आज से ही शुरू कर दिया गया है।

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    नेगी बोले, ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा

    उधर, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की परंपराओं को तोड़ रहा है और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। सराज में उनका नहीं, बल्कि तिरंगे का अपमान भाजपा ने किया है। उन्होंने कहा कि वे किसी धमकी से डरने वाले नहीं हैं और संविधान व सच्चाई के आधार पर जवाब देते रहेंगे। विपक्ष को जवाब सुनना है या नहीं सुनना है यह वह जाने। लेकिन विपक्ष को ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री रहते अहंकारी बन गए थे जयराम: नेगी

    उधर, जगत सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर जब मुख्यमंत्री थे तो वह अहंकारी बन गए थे। उन्होंने जनजातीय सलाहकार परिषद के संवैधानिक पद पर गैर संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को बिठाया। इस पर वह हाई कोर्ट गए तथा न्यायालय ने कहा कि लाभ के पद पर बैठा व्यक्ति संवैधानिक पद पर नहीं बैठ सकता है। इसी तरह लाडा का अध्यक्ष स्थानीय विधायक को न बनाकर डीसी को बनाया।

    रणधीर शर्मा की बात काटे जाने से बिफरा विपक्ष

    इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष ने शून्यकाल शुरू किया तथा विधायक केवल सिंह पठानिया ने अपना मामला उठाया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने शोर-शराबा करने लगे। विधायक रणधीर शर्मा को प्वाइंट आफ आर्डर के तहत अपनी बात रखने का मौका दिया, जिसे बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही से हटा दिया। इसके बाद सदन में माहौल तनावपूर्ण हो गया तथा सत्तापक्ष और विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष के बार-बार आग्रह करने के बाद भी माहौल शांत न होने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

    भाजपा ने संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर टिप्पणी की: सुक्खू

    इसके बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा अध्यक्ष से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को अपनी बात कहने का मौका देने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह सम्मानित मंत्री हैं तथा संवैधानिक पद पर हैं। विपक्षी सदस्य यदि वाकआउट करेंगे तो इससे सरकार की कार्यप्रणाली पर असर नहीं पड़ेगा। विपक्ष ने संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर टिप्पणी की है तो मंत्री को बोलने का मौका दिया जाना चाहिए।

    बार-बार वाॅकआउट का हर्षवर्धन ने किया खंडन

    इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों को शांत करने का प्रयास किया। इस दौरान विपक्ष के सदस्य कुछ कहना चाह रहे थे, लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी तथा इससे नाराज विपक्ष सदन से नारेबाजी करते हुए बाहर चला गया। विपक्ष द्वारा बार-बार वाकआउट करने पर संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इसका खंडन किया। वहीं, विपक्ष की गैरमौजूदगी में फिर सदन की कार्यवाही चली और वे दोपहर के भोजन के बाद ही सदन में लौटे। 

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